
bharat varta desk: भाजपा के केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल और गिरिराज सिंह जैसे कई नेता जनसंख्या नियंत्रण कानून की वकालत करते हैं। इनका बयान पिछले दिनों भी आया था मगर बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरूरत को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि चीन का उदाहरण सबके सामने है जहां पहले 1 बच्चे की सीमा निर्धारित की गई थी मगध स्थिति खराब होने लगी तो इसे बढ़ा कर दो कर दिया।
नीतीश कुमार ने कहा है कि जनसंख्या नियंत्रण पर कानून बनाने से कुछ नहीं होगा, बल्कि जरूरी यह है कि जनसंख्या पर नियंत्रण करने के लिए लड़कियों और महिलाओं को शिक्षित किया जाए ताकि प्रजनन दर में खुद-ब-खुद कमी आए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सोमवार को जनता दरबार के बाद जब केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने के सिलसिले में आए बयान पर सवाल पूछा तो नीतीश ने कहा कि इस बात को लेकर हम लोगों ने अध्ययन किया है कि महिलाओं के पढ़ने-लिखने के कारण बिहार में प्रजनन दर घटकर 3.0 पर आ गई है. अगले 5 से 7 सालों में प्रजनन दर को 2.0 तक लाई जा सकती है।
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