
भारत वार्ता संवाददाता: इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन, इकोनॉमिक एसोसिएशन ऑफ बिहार व बिहार विवि के अर्थशास्त्र विभाग की तरफ से शनिवार को विवि के ऑडिटोरियम में नयी शिक्षा नीति पर तीन दिनों के राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ. मुजफ्फरपुर में आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन अटल बिहारी वाजपेयी विवि बिलासपुर के कुलपति प्रो एडीएन वाजपेयी और बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री जयंत राज ने किया. सम्मेलन में राज्यसभा सांसद प्रो शशिकला पुष्पा रामास्वामी और ओपीजेएस विवि राजस्थान के कुलपति प्रो बी रामास्वामी और एलएलसी प्रो संजय कुमार सिंह भी मौजूद थे. सम्मेलन की अध्यक्षता इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रो तपन कुमार शांडिल्य ने की. संचालन अर्थशास्त्र विभाग के डॉ संजय कुमार व अनिल कुमार ठाकुर ने किया. सम्मेलन में अटल बिहारी वाजपेयी विवि के कुलपति प्रो एडीएन वाजपेयी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भाषा के महत्व को रेखांकित किया गया है. स्कूल से पीएचडी तक सभी को एक साथ जोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि देश में कई विवि हैं लेकिन उनमें राष्ट्रीय चरित्र नहीं है. इंजीनियरिंग का छात्र भी आर्ट कल्चर पढ़ना चाहे तो उसे सिखाया जाना चाहिए. राष्ट्रीय शिक्षा नीति में यह बात है. प्रो वाजपेयी ने कहा कि आज शिक्षा का क्षेत्र सिमट कर रह गया है. नयी शिक्षा नीति राष्ट्रीय चरित की बात करती है. शिक्षा की गुणवत्ता के लिए विवि को स्वायत्ता जरूरी है. जो अच्छे कॉलेज हैं, उन्हें विवि का दर्जा मिलना चाहिए. यही बात शिक्षा नीति भी करती है.
शिक्षा नीति का फलक वैश्विक: कुलपति
ओपीजेएस विवि राजस्थान के कुलपति प्रो बी रामास्वामी ने कहा कि नयी शिक्षा नीति का फलक वैश्विक है. यह क्वालिफिकेशन और एजुकेशन में फर्क बताती है. यह चरित्र विकास का भी काम करेगी. देश की पूरी जानकारी इस शिक्षा नीति से छात्रों को मिलेगी. सम्मेलन के अध्यक्ष तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि देश और समाज के अंतिम व्यक्ति को शिक्षा देने की बात राष्ट्रीय शिक्षा नीति करती है. सम्मेलन में पुनपुन कॉलेज के प्राचार्य डॉ रामाकिशोर को कौटिल्य सम्मान दिया गया. सम्मेलन में आरडीएस कॉलेज के डॉ राकेश कुमार सिंह, अर्थशास्त्र विभाग के डॉ रवि, कार्यक्रम की संयोजक कुमारी डाॅ मनीषा मौजूद रहीं.
सभी को शिक्षा से जोड़ना बिहार सरकार का लक्ष्य: मंत्री
सम्मेलन में राज्यसभा सांसद शशि कला पुष्पा ने कहा कि नयी शिक्षा नीति हमें कई विकल्प देती है. यह देश के लिए मील का पत्थर साबित होगा. सम्मेलन के मुख्य अतिथि बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री जयंत राज ने कहा कि सभी लोगों को शिक्षा से जोड़ना नीतीश कुमार की सरकार का लक्ष्य है. मौके पर एमएलसी प्रो संजय कुमार सिंह ने कहा कि नयी शिक्षा नीति स्वागत योग्य तो है पर इसके सामने कई चुनौतियां भी हैं. राष्ट्रीय शिक्षा नीति को देखकर ऐसा लगता है, इसका लाभ 35 से 40 प्रतिशत लोगों को ही होगा.
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