
पटना ,भारत वार्ता संवाददाता:
बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सामाजिक-आर्थिक और जातीय जनगणना की मांग को लेकर देश की विभिन्न पार्टियों के 33 वरिष्ठ नेताओं को पत्र लिखा है जिसमें केंद्र सरकार पर इस संबंध में नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है। तेजस्वी ने कहा कि जाति आधारित जनगणना की मांग को राष्ट्र निर्माण में एक आवश्यक कदम के रूप में देखा जाना चाहिए। जातीय जनगणना नहीं कराने के खिलाफ सत्ताधारी दल के पास एक भी तर्कसंगत कारण नहीं है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने जो हलफनामा दाखिल किया है वो जातिगत जनगणना के पक्ष में नहीं हैं यानि केंद्र का अंतिम फैसला है कि वो जातिगत जनगणना के पक्ष में नहीं है। मगर राज्य के 90 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि जाति आधारित जनगणना होनी चाहिए. हमने पहले भी प्रस्ताव दिया था कि अगर केंद्र से नहीं होता तो राज्य सरकार अपने खर्चे से जातीय जनगणना कराए। उन्होंने सभी दल के नेताओं से अनुरोध किया है कि प्रधानमंत्री से इसके लिए मांग करें।
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