क्या आपने अपने नेताजी लोगों को देखा है? सोशल मीडिया पर लापता बताए जा रहे जनप्रतिनिधि

गौरव दुबे की रिपोर्ट:

कोरोना महामारी के दौरान ज्यादातर जनप्रतिनिधि लोगों के बीच से गायब हैं. चुनाव के समय जो नेता हर वक्त साथ देने का वादा करके लोगों से वोट लेते हैं वैसे ज्यादातर सांसद, विधायक और दूसरे जनप्रतिनिधि कोरोना के महासंकट के दौर में नजर नहीं आ रहे हैं. बिहार में लोग इलाज के बिना मर रहे हैं. ऑक्सीजन, दवा और बेड के लिए तड़प रहे हैं लेकिन कहीं कोई जनप्रतिनिधि उनके दुख में खड़ा हुआ नहीं दिख रहा है. पूर्व सांसद पप्पू यादव सरीखे नेता इसके अपवाद हैं. कल पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव लालू रसोई के साथ पीएमसीएच में मरीजों से मिलने गए थे. वहां की दुर्दशा पर उन्होंने कड़ी नाराजगी दिखाई. उन्होंने अपने फेसबुक पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को लापता दिखाया है. वहीं दूसरी ओर तेज प्रताप के छोटे भाई और प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को भी लोग ढूंढ रहे हैं. उनके बारे में कहा जा रहा है कि केवल ट्विटर के जरिए बयान जारी करना उनका काम रह गया है. इन दिनों वे कहां हैं , यह किसी को पता नहीं है. उनके विरोधियों का यह आरोप है कि जब बिहार में संकट आता है तो वे दिल्ली चले जाते हैं. हालांकि दो दिन पहले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने विधायकों से कहा था कि वे संकट की इस घड़ी में जनता की सेवा करें, लोगों के बीच जाएं. वर्चुअल मीटिंग में तेज प्रताप यादव ने अपने भाई तेजस्वी यादव को यह सलाह दी थी कि वे सभी विधायकों को यह निर्देश दे कि वह जनता के बीच लालू रसोई के साथ जाएं और लोगों को मुफ्त में खाना खिलाए मगर इन सब का कोई असर विधायकों सांसदों पर नहीं देखा जा रहा है. दूरदराज के चंद जनप्रतिनिधियों के कार्यकर्ता लोगों के लिए कुछ काम कर रहे हैं, सोशल मीडिया के जरिए कहीं कहीं से ऐसी जानकारी मिल रही है.

सत्तारूढ़ दल के लोग भी गायब: सत्तारूढ़ दल के ज्यादातर सांसद, विधायकों की जनता के बीच नजर नहीं आ रहे हैं. सड़कों पर से लेकर अस्पतालों वह श्मशान घाटों तक परेशान होते लोग जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगा रहे हैं मगर शायद ही कहीं कोई जनप्रतिनिधि उनके काम आ रहा है. सरकार के अधिकांश मंत्री भी मैदान में नहीं नजर आ रहे हैं. उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए कुछ स्थलों का निरीक्षण पिछले दिनों किया. सबा खान और इक्का-दुक्का मंत्रियों का मूवमेंट पिछले दिनों सोशल मीडिया के जरिए देखने को मिला. जन प्रतिनिधियों के प्रति लोगों के गुस्सा का आलम यह है कि सोशल मीडिया पर स्वास्थ मंत्री मंगल पांडे के इस्तीफे की मांग को लाखों लोगों ने समर्थन किया है. बताया जा रहा है कि संकट की इस घड़ी में कई नेताओं ने बिहार छोड़कर दिल्ली और दूसरे राज्यों में शरण ले लिया है. ऐसे में सोशल मीडिया में नेताओं को लापता बताकर खोजने का अभियान राजनीतिक और गैर राजनीतिक स्तर पर जोर शोर से चल रहा है. राजनीतिक दल के लोग अपने विरोधियों को भी निशाने पर ले रहे हैं. लेकिन मंत्री मंगल पांडे हो या तेजस्वी यादव, चिराग पासवान या फिर कन्हैया कुमार और दूसरे नेता उनके समर्थकों का कहना है कि वे लोग अपने अपने स्तर से अपने कार्यकर्ताओं के जरिए जनता को सहयोग करने में लगे हुए हैं.

Kumar Gaurav

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