
पटना संवाददाता
केंद्र सरकार के नए नियम से बिहार और झारखंड के लाखों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं. अब नई व्यवस्था के अनुसार किसान सम्मान निधि पाने के लिए अब यह जरूरी है कि किसान के नाम से जमीन की दाखिल खारिज हो यानी उसके नाम से जमीन को. अब केवल भू स्वामित्व प्रमाण पत्र से काम नहीं चलेगा. योजना के लाभुकों में शामिल होने के लिए जमीन का म्यूटेशन अपने नाम से कराना जरूरी होगा. बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में ज्यादातर किसानों की जमीन संयुक्त परिवार में है. अधिकतर जमीने दादा -परदादा के नाम से चली आ रही हैं. केवल केवल खेतों में बंटवारा हुआ है, कागजों पर बटवारा नहीं हुआ है. कागजों पर नामांतरण नहीं हुआ है. ऐसे में भारी संख्या में किसान सम्मान निधि योजना के लिए फार्म ही नहीं भर पाएंगे.
बिहार में सम्मान निधि पाने वाले 60 लाख किसान
बिहार में कुल किसानों की संख्या पौने दो करोड़ के आसपास है. अभी तक मात्र 60 लाख किसानों को पीएम सम्मान योजना का लाभ मिला है. नए नियम के चलते किसानों की मुश्किलें ऐसी बढ़ेंगी जिससे लाभुकों की संख्या और भी घट सकती है. उन्हें अब पहले अपनी जमीन का दाखिल खारिज कराना पड़ेगा उसके बाद हुए सम्मान के हकदार हो पाएंगे.
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