धर्म/अघ्यात्म

रांची- 300 साल पुराने दिवड़ी मंदिर का अधिग्रहण जिला प्रशासन द्वारा किया गया

महेंद्र सिंह धोनी के कारण प्रसिद्ध है सोलहभुजी मां दिवड़ी के मंदिर

NEWSNLIVE DESK: झारखंड के तमाड़ में स्थित 300 साल पुराने दिवड़ी की सोलहभुजी मां दिवड़ी के मंदिर का जिला प्रशासन द्वारा अधिग्रहण कर लिया गया है। मंदिर की चार दान पेटियों पर शुक्रवार को सरकारी ताले लगा दिए गए हैं। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को मंदिर प्रबंधन महिला समिति की सदस्यों के विरोध का भी सामना करना पड़ा।
उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि मंदिर सरकारी जमीन पर बना है। मंदिर की देखरेख के लिए संचालन कमेटी बनाई गई है। अब वही कमेटी देखरेख करेगी। तमाड़ के पूर्व राजा महेंद्रनाथ शाहदेव के अनुसार, दिवड़ी मंदिर करीब 300 साल पुराना है। स्थानीय लोगों की आस्था मां दिवड़ी से जुड़ी है।

शुक्रवार की शाम प्रशासन के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ मंदिर को कब्जे में कर लिया। उन्हें देखकर दर्जनों की संख्या में महिला और ग्रामीण जमा हो गए। वे प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करने लगे। महिलाओं ने मंदिर को ग्रामीणों की संपत्ति बताते हुए प्रशासन को सौंपने से इन्कार कर दिया।

सीओ ने प्रशासन की देखरेख में ग्रामीणों के साथ मिलकर मंदिर के संचालन का हवाला देकर समझाने का प्रयास किया, पर ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे। शाम 7.30 बजे अधिकारियों ने दानपेटी पर प्रशासन का ताला लगा दिया।
एसडीओ की अध्यक्षता में 12 अक्टूबर को बनी थी कमेटी
सीओ ने कहा कि 12 अक्टूबर को बुंडू के एसडीओ उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में मंदिर संचालन को लेकर कमेटी बनी थी। कमेटी में एसडीओ, सीओ, मंदिर के मुख्य पुजारी और ग्राम प्रधान शामिल थे। कमेटी ने निर्णय लिया था कि अब ग्रामीण और सरकार मिलकर मंदिर की देखरेख करेंगे। दिवड़ी मंदिर के अधिग्रहण का प्रयास पहले हो चुका है। हालांकि, ग्रामीणों के विरोध के कारण सफलता नहीं मिली।
मंदिर को राज्य के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

इसी मंदिर में अक्सर आते हैं धोनी
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अक्सर इस मंदिर में पूजा के लिए आते हैं। धोनी क्रिकेट खेलने से पहले से यहां आते रहे हैं। कहा जाता है कि धोनी के यहां आने के बाद मंदिर बहुत ज्यादा चर्चा में आ गया।

वर्ल्ड कप से पहले धोनी ने मांगी थी जीत की दुआ
ऐसा माना जाता है कि धोनी किसी सीरीज के शुरू होने से पहले यहां जाते हैं। जीवन का अच्छा दौर हो या बुरा, धोनी कभी भी अपनी ‘सोलहभुजी देवी’ मां के दर्शन करना नहीं भूलते हैं। बताया जाता है कि, साल 2011 में वल्र्ड कप में जीत की दुआ मांगने और जीत मिलने के बाद आभार जताने के लिए धोनी अपनी पत्नी साक्षी के साथ मां दिउड़ी को धन्यवाद करने पहुंचे थे। इसके अलावा दिसंबर 2009 में अपने कॅरियर के शानदार पांच साल पूरे होने पर धौनी ने यहां विशेष पूजा भी की थी।

डॉ सुरेंद्र

Recent Posts

बिहार के 10 डीएम का तबादला

Bharat varta Desk सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में बड़े प्रशासनिक… Read More

3 days ago

पटना पुस्तक मेले का आगाज, मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

Bharat Varta Desk : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पटना पुस्तक मेला का दीप… Read More

6 days ago

Oplus_131072 Oplus_131072 Oplus_131072 Oplus_131072 Oplus_131072 Oplus_131072 Oplus_131072 Read More

6 days ago

अब हर थाने में ‘अभया ब्रिगेड’: बिहार पुलिस मुख्यालय का बड़ा फैसला

पटना : महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर बिहार पुलिस ने एक बड़ा और… Read More

6 days ago

सोनपुर मेला में नीतू नवगीत ने लोकगीतों से बांधा समां

पटना से वैद्या बुलाई दा, कोयल बिना बगिया ना शोभे राजा सोनपुर : हरिहर क्षेत्र… Read More

1 week ago

पीएमओ का नाम बदला,‘सेवा तीर्थ’कहलाएगा

Bharat varta Desk प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदल गया है. अब इसे ‘सेवा तीर्थ’ के… Read More

1 week ago