
पटना, भारत वार्ता संवाददाता:
विपक्ष के भारी विरोध के बाद भी देर शाम बिहार विधानसभा में विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021 आखिरकार पास ही हो गया. अब कल से विधान परिषद से पारित कराया जाएगा. मगर इस मुद्दे पर बिहार विधानसभा में आज जो कुछ हुआ वह बिहार के राजनीतिक इतिहास में शर्मनाक घटना के रूप में दर्ज की जाएगी. सड़क से सदन तक ऐसा हंगामा बिहार ने पहले कभी नहीं देखा था. विधानसभा में विधेयक को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच जमकर बवाल हुआ और मारपीट हुई.प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बिल को फाड़कर अध्यक्ष के सामने फेंक दिया था. इसके पहले दिन में विपक्ष के विधानसभा मार्च के दौरान विधायकों और पुलिस में जमकर भिड़ंत हुई. राजद की ओर से जमकर पत्थरबाजी की गई तो पुलिस की ओर से डंडेे बरसाए गए.
तेजस्वी बोले विधायकों को लात -जूतों से पीटा गया
प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि काला कानून पास कराने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोकतंत्र के मंदिर विधानसभा में पुलिस को बुला लिया था. डीएम और एसपी के नेतृत्व में पुलिस ने विधायकों को लात जूतों से पीटा. मार्शल ने विधायकों को उठाकर फेंक दिया. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि
अति पिछड़े समाज से आने वाली हमारी विधायक का बाल खींचा गया. उनकी साड़ी खोलकर उन्हें घसीटा गया. ये सबकुछ मुख्यंमत्री के निर्देश पर किया गया. उन्होंने कहा कि विधेयक के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि पुलिस के हमले में उनके कई विधायक घायल हो गए हैं.आज का दिल काला दिन के रुप मे याद किया जाएगा.तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार पुलिस को सशक्त नहीं गुंडा बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस बिल के जरिए पुलिस किसी को कहीं भी और कभी भी गिरफ्तार कर सकती है. किसी के घर की तलाशी ले सकती है.
नीतीश बोले- कभी ऐसा दृश्य नहीं देखा
विधेयक पास करने के पहले मुख्यमंत्री नतीश कुमार ने कहा कि- “आज तक विधानसभा में ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा गया. सदन में सिर्फ विरोध हो रहा, कोई कुछ कह नहीं रहा. उन्होंने बताया कि बीएमपी का नाम बिहार सशस्त्र पुलिस किया गया है. उन्होंने कई उदाहरणों के जरिए बताया कि अगर कोई अपराध कर रहा है तो क्या करेंगे? क्या कोर्ट के अनुमति का इंतजार किया जाएगा. अगर कोई कहीं अपराध कर रहा, तो क्या पकड़ेंगे नहीं. सामान्य पुलिस से ज्यादा कार्रवाई की बात विधेयक में कही गयी, अगर कोई दुरुपयोग करेगा, तो बचेगा नहीं.”
नीतीश ने आगे कहा- “अगर विपक्ष चर्चा में भाग लेते, तो सब सवालों का जवाब दिया जाता. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून लोगों की रक्षा करने वाला है
विधानसभा अध्यक्ष -बोले विपक्ष ने विधानसभा को कुरुक्षेत्र बना दिया
विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विपक्ष ने अत्यंत अलोकतांत्रिक काम किया है. उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर विधानसभा को कुरुक्षेत्र बना डाला. उन्हें उनके कार्यालय में बंधक बनाया गया.चारों ओर से रस्सी घेराबंदी कर दी गई थी.सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने कहा कि उप मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के हाथ से बिल की कॉपी लेकर विपक्ष के विधायकों ने फाड़ डाला. विपक्ष के विधायकों ने पुलिस जवानों और मार्शल के साथ मारपीट की.
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