बिहार में किसानों की हालत बेहद खराब: कांग्रेस,कांग्रेस नेता ललन कुमार ने कहा कृषि कानून किसानों पर कुठाराघात

भागलपुर संवाददाता: कांग्रेस के अनुसार किसी कानून किसानों पर कुठाराघात है। इससे किसानों का कोई भला होने वाला नहीं है। कांग्रेस नेताओं यह भी मानना है कि बिहार में किसानों की स्थिति काफी दयनीय है.
सुल्तानगंज में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सुल्तानगंज विधानसभा के पूर्व पत्याशी ललन कुमार ने कहा कि वर्ष 2020 में बिहार में गेहूं के कुल उत्पादन का 1 प्रतिशत ही सरकारी खरीद हो पाई है। पंजाब में धान की एमएसपी 1883 रुपए प्रति क्विंटल है जबकि बिहार में कोई धान को 1200 रुपए क्विंटल तक में खरीदने को तैयार नहीं है। सरकार द्वारा धान खरीद का दावा खोखला साबित हो रहा है। किसानों का धान खेतों में पड़ा हुआ है. जो पूंजी किसानों ने लगाई थी वह भी नहीं निकल पाई है। ललन कुमार ने कहा कि कृषि कानूनों के संबंध में सरकार कह रही है कि निजी क्षेत्र के आने से किसानों को लंबे समय में फायदा होगा।यह दीर्घकालिक नीति है तो सबसे बड़ा उदाहरण तो हमारा राज्य बिहार है जहां सरकारी मंडी व्यवस्था तो 2006 में ही खत्म हो गई थी। अब 14 वर्ष बीत चुके हैं। यह काफी लंबा समय है। फिर सवाल उठता है कि इसके बाद बिहार में कितना निवेश आया? किसानों को क्यों आज सबसे कम दाम पर अनाज बेचनी पड़ रहीहै? अगर बिहार में इसके बाद कृषि क्रांति आ गई थी तो मजदूरों के पलायन का सबसे दर्दनाक चेहरा यहीं क्यों दिखा? क्यों नहीं बिहार कृषि आय में अग्रणी राज्य बना? सबसे कम कृषि आयों वाले राज्यों में आज बिहार अग्रणी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान केंद्र सरकार की साजिश को उसको समझ रहे हैं।

ललन कुमार ने नोटबंदी कानून के खिलाफ भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक नीतियों के हर मोर्चे पर नरेंद्र मोदी की सरकार फेल है। कोरोना काल में लॉकडाउन के मामले में भी केंद्र की नीति दोषपूर्ण रही है। प्रवासी बिहारियों के प्रति बिहार सरकार के रवैया को सभी लोगों ने देखा। बिहार से बड़ी संख्या में लोगों के पलायन को लेकर कांग्रेस गंभीर है। राज्य सरकार के पास इसे रोकने के लिए कोई प्रभाव कारी नीति नहीं है।

संवाददाता सम्मेलन में विधायक फनीन्द्र चौधरी, समाजसेवी शिवम चौधरी, प्रखंड अध्यक्ष मो. मेराज आलम, प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष विभूति सिन्हा, रघुनंदन केसरी, मॉर्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के जिला सेक्रेटिएट सुभाष तांती, रवि कुमार, रिशु कुमार, वरिष्ठ नेता हिमांशु शेखर, चानो यादव, मो. मंराज आलम, प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष विभूति सिन्हा, तरूण चैधरी, राजद महिला जिलाध्यक्ष नीशु सिंह समेत महागठबंधन के सैकड़ों कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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