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परीक्षा पर चर्चा में पीएम मोदी ने बच्चों को बताए ऐतिहासिक फार्मूले

Bharat varta Desk

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण में बच्चों से बात की। यह कार्यक्रम बच्चों के तनाव को कम करने और उन्हें प्रेरित करने के लिए आयोजित किया जाता है। प्रधानमंत्री ने बच्चों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि, वो प्रधानमंत्री बन गए हैं लेकिन तभी भी उन्हें बताया जाता है, कोई बोलता ऐसा करो कोई बोलता वैसा करो, आपको अपने पैटर्न पर पूरा भरोसा होना चाहिए, लेकिन सामने वाले की बात पर भी ध्यान देना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि, ‘जब परीक्षा पे चर्चा मैंने शुरू किया, तो एक पैटर्न था। अब धीरे-धीरे में उसे बदलता जा रहा हूं, इस बार मैंने अलग-अलग राज्यों में बच्चों से बात की। मैंने भी अपनी पैटर्न बदली, लेकिन मूल पैटर्न को नहीं छोड़ा।’

टीचर कैसे पढ़ाएं बच्चों को?
कई स्टूडेंट्स टीचर की स्‍पीड से मैच नहीं कर पाते हैं. टीचर को स्टूडेंट्स की स्पीड समझने की कोशिश करनी चाहिए. पचास कदम आगे न पढ़ाएं. पहले वीक में इतिहास का एक पाठ पढ़ाएं. आपको पता है कि आने वाले तीन सप्‍ताह में तीन विषय होंगे. आप जो पढ़ाने वाले हैं, उसकी पहले से जानकारी दें. बच्चों से कहें कि गूगल से पढ़कर आएं. फ‍िर क्‍या होगा- सिंपल सी बात है. आपको टीचर की स्‍पीड से प्रॉब्लम नहीं होगी. आप उनसे एक कदम आगे रहेंगे.

परीक्षा पे चर्चा में पंचतंत्र का जिक्र, गेमिंग वाले बच्चे को पीएम मोदी की खास सलाह
परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण आज, 06 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे आयोजित किया जा रहा है. इस खास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्टूडेंट्स को एग्जाम स्ट्रेस से निपटने के टिप्स दे रहे हैं. आप पीपीसी 2026 को लाइव भी देख सकते हैं.

परीक्षा पे चर्चा 2026 में इस बात पर जोर दिया कि पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक शांति भी जरूरी है. पीएम मोदी बच्चों को ‘एग्जाम वॉरियर’ बनने की सलाह देते हैं, जिसका मतलब है कि परीक्षा से डरना नहीं, बल्कि उसका बहादुरी से सामना करना है. पीएम मोदी की सलाह मानकर आप परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे सकते हैं. पीएम मोदी ने अभी तक परीक्षा पे चर्चा में ये 5 मंत्र दिए हैं-


परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं.
प्रतिस्पर्धा खुद से, न कि दूसरों से.
डिजिटल फास्टिंग: तकनीक का सही उपयोग.
मुश्किल काम पहले निपटाएं.
एग्जाम वॉरियर बनें, रट्टू तोता नहीं.

किसे याद रहता है टॉपर का नाम?


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा में चर्चा के दौरान कहा कि मार्क्स-मार्क्स बीमारी बन गए हैं. किसे पिछले साल के टॉपर का नाम याद रहता है? कुछ समय बाद लोग सब भूल जाते हैं.

परीक्षाएं कठिन क्यों लगती हैं?


पीएम मोदी ने कहा कि आप अक्सर 10 साल का पैटर्न ही फॉलो करते हैं. पहले आता था श्योर सजेशन, जरूरी सवाल, फिर 10 साल के पैटर्न से सवाल पूछे जाते हैं. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि ये बीमारी मेरे समय में भी थी. उन्होंने कहा कि इस बीमारी को फैलाने का काम कुछ शिक्षक भी करते हैं. उन्हें लगता है कि उनकी क्लास या स्कूल का रिजल्ट अच्छा हो. इसलिए वो जिससे नंबर मिले सिर्फ वही पढ़ाते हैं. लेकिन अच्छे टीचर सर्वांगीण विकास के लिए पूरा सिलेबस पढ़ाते हैं, पूरे सिलेबस पर मेहनत करवाते हैं और उस सिलेबस का आपके जीवन में महत्व समझाते हैं.

नंबर को लक्ष्य मानना गलत


पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा में कहा कि परीक्षाएं खुद को एग्जामिन करने के लिए होती हैं. हमारा लक्ष्य परीक्षा के नंबर नहीं हो सकते हैं. हमारा गोल संपूर्ण जीवन का विकास होना चाहिए. हमें खुद को सीमित नहीं करना चाहिए. पीएम ने सभी विद्यार्थियों से आग्रह किया कि जिंदगी में सबसे ज्यादा उत्तम बनिए, जीवन अपना सर्वश्रेष्ठ बनाइए, अपना पूरा जीवन शानदार बनाए रखने के लिए जीवन को तैयार करना है. शिक्षा एक माध्यम है, इसी के आधार पर करना चाहिए.

आयुष तिवारी का सवाल- स्कूल में टीचर्स की स्पीड कैसे मैच करें?


जवाब: इस पर पीएम मोदी ने टीचर्स को सलाह देते हुए जवाब दिया कि जैसे किसान खेत को जोतता है, वैसे ही स्टूडेंट्स का मन जोतना चाहिए. इसका तरीका क्या है- मान लीजिए जनवरी के तीसरे हफ्ते में वो हिस्ट्री का पाठ पढ़ाने वाले हैं तो पहले हफ्ते में बता दें कि हिस्ट्री का ये पाठ पढ़ाएंगे. दूसरे सप्ताह में हिस्ट्री का ये पाठ पढ़ाएंगे. तीसरे सप्ताह में हिस्ट्री का ये पाठ पढ़ाएंगे. इस तरह से स्टूडेंट्स को पता रहेगा कि आने वाले तीसरे सप्ताह में उन्हें क्या पढ़ना है. साथ ही शिक्षक कह दें कि आप लोग पहले से तैयारी करके आओ और समझ कर आओ. इससे बच्चे टीचर की स्पीड से आगे निकल जाएंगे.

एआई का इस्तेमाल कैसे करें?


परीक्षा पे चर्चा 2026 में अनन्‍या ने एआई से जुड़ा सवाल पूछा. इस पर पीएम मोदी ने कहा- आप उस पीढ़ी में हैं, जहां पूरा कैनवास है. आपको टेक्‍नोलॉजी का अवसर मिला है, उसका सही इस्‍तेमाल करें. एआई आपकी ताकत का उपयोग बढ़ाने वाला होता है. एआई को बताएं कि फलानी बायोग्राफी है तो उसके 10 पॉइंट बता दो. एआई से पूछें, मेरी उम्र ये है आप बताओ कि कौन सी 10 बायोग्राफी है जिसे मैं पढूं.

पीएम मोदी ने दिखाया विकसित भारत का सपना


महात्‍मा गांधी 1947 तक आजादी में लगे रहे, मिली कि नहीं?.. भगत सिंह छोटी उम्र में फांसी पर चढ़ गए लेकिन सबको जगा गए कि नहीं?.. आजादी के 25 साल पहले, 30 साल पहले जो सपना देखा गया, जो बलिदान किया, आजादी मिली कि नहीं?.. अगर इतनी बड़ी आजादी मिल सकती है तो क्‍या सबके प्रयासों से विकसित भारत बन सकता है कि नहीं बन सकता है? विकसित भारत के लिए इन 5 चीजों पर फोकस करना होगा-

1- खुद पर भरोसा

2- स्‍वदेशी चीजों का इस्‍तेमाल (गुलामी की मानसिकता में जीते हैं. दोस्‍त जैकेट पहनकर आया, यह फलां देश का है.. सुबह ब्रश करने से अगले दिन तक जिन-जिन चीजों का उपयोग करते हैं, उसकी लिस्‍ट बनाइए. आपको पता चलेगा कि कंघी और जूते भी विदेशी होंगे).

3- अगले महीने 10-10 चीजें बदलें (हमें तय करना चाहिए कि जैसा भी होगा मेरे शरीर पर, हमारे देश का सामान हो. हम ही अपने देश के सामान का गौरव नहीं करेंगे तो दूसरा करेगा क्‍या)

4- लेट हुए तो यह इंडियन टाइम है, लेट हम हुए गाली किसको दी? हमें भारत को विसित भारत बनाना है तो हम सब जगह पर जरा भी कंप्रोमाइज नहीं करेंगे.

5- कचरा फेंक दिया किसी ने तो उठाकर खुद फेंक दें. वह खुद शर्मिंदा होगा. अपने कर्तव्‍यों का पालन कर लें. सबसे ज्‍यादा मजा लेने का मौका आपको मिलेगा क्‍योंकि आपकी उम्र उस समय 35 से 40 साल होगी.

ईशा ने सुनाई गजब की कविता
परीक्षा पे चर्चा 2026 कार्यक्रम के पहले एपिसोड में ईशा शैलेश पटेल ने शानदार कविता सुनाई-

हम सबके अरमान हैं आप
भारत मां के केवट हैं आप
भारत वर्ष
वंचितों के हमराही हैं
भारत मां की जय
आप साधना पुरुष
भारत के सपनों के मोदी हो

सपने न देखना गुनाह है


परीक्षा पे चर्चा 2026 लाइव: एक स्टूडेंट पद्मा के जवाब पर पीएम मोदी ने कहा कि सपने न देखना क्राइम है. सपने देखने ही चाहिए. सपनों को गुनगुनाते रहना कभी काम नहीं आता है. इसलिए जीवन में कर्म को प्रधान देना चाहिए. मैं जहां हूं, वहां मुझे सफल होना है. मुझे पढ़ना चाहिए. एस्‍ट्रोनॉट बनना है तो उसके बारे में पढ़ना-समझना चाहिए. ध्यान रखिए, आपको खाद-पानी मिलता रहता है. औरों को बताने से फायदा नहीं है.

माता-पिता सपने को गंभीरता से नहीं लेते, क्या करूं?


एक स्टूडेंट मृदुल वर्मन ने परीक्षा पे चर्चा के दौरान कहा- छोटे घर और काम-काज के बीच पढ़ना मुश्‍किल हो जाता है. माता पिता उतनी गंभरता से हमारा सपना नहीं लेते. इस पर पीएम मोदी ने कहा- एक पिताजी बैलगाड़ी में अपना सामान लेकर जा रहे थे. बच्‍चा सामान के उपर बैठा हुआ था. अपनी किताब खोल रहा था. अपने कंफर्ट की चिंता नहीं कर रहा था. कुछ लोग होते हैं न, कमरा ठीक नहीं हो तो नींद नहीं आती. ये जो सोच है न कि हम सुविधा होने पर ही पढ़ेंगे, यह गलत है. बोर्ड परीक्षा में छोटे-छोटे गांवों के बच्‍चे सफल होते हैं. मैं ब्‍लाइंड क्रिकेट टीम से मिला था, मेरी आंखों में आंसू आ गए थे.

कॉन्फिडेंस कहां से आएगा? गांठ बांध लें पीएम मोदी की सलाह


पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा 2026 कार्यक्रम में शामिल हो रहे बच्चों के सभी सवाल सुने और उनके जवाब दिए. एक सवाल के जवाब में उन्होंने बहुत शानदार उदाहरण दिया. उन्होंने कहा- मान लीजिए गरीब महिला से किसी का झगड़ा हुआ, कारण क्‍या है? जो आंखों से देखा वो टीवी पर इंटरव्‍यू देगी. इसके लिए उसमें कॉन्फिडेंस कहां से आएगा? सच्‍चाई से आएगा. चुपचाप 30 सेंकंड बैठिए, सीना फूल जाए, धीरे से सांस निकालिए. आप देखिएगा, नई चीज हाथ लग गई.

कुछ नया क्या सीखें?


परीक्षा पे चर्चा 2026 लाइव: परीक्षा पे चर्चा 2026 कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि कुछ नया सीखने का मन करता है तो संगीत सीख सकते हैं. इसमें जादू है.

परीक्षा पे चर्चा में सलाह, टाइम मैनेजमेंट कैसे करें?


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा 2026 कार्यक्रम में आए स्टूडेंट्स से कहा कि रात में सोने से पहले डायरी में अगले दिन का प्लान लिख लें. दूसरे दिन टैली करें कि क्या किया और क्या रह गया. इससे सब बदल जाएगा. टाइम मैनेजमेंट सीख लिया, समय का प्रोडक्‍टिव इस्तेमाल करना सीख लिया तो जिंदगी बदल जाएगी. मेरे पास इतने सारे काम होते हैं लेकिन मुझे कोई टेंशन नहीं है. मुझे पहले से ही समय का सही उपयोग करने की आदत बन गई है. उन्होंने आगे कहा कि ऑनलाइन वैदिक मैथ की क्‍लास होती है. उसमें इतना जादू जैसा है कि आपकी रुचि बढ़ जाएगी. परीक्षा को उत्‍सव की तरह होना चाहिए.

गेमिंग में रुचि पर क्या करें?


परीक्षा पे चर्चा 2026 में सर्जिल गैडगिल ने कहा कि गेमिंग में इंटरेस्‍ट है, पेरेंट्स कहते हैं कि पढ़ाई पर ध्‍यान दो. मुझे कैसे पता चलेगा कि क्या करूं. माता-पिता डांटते रहते हैं कि गेम मत खेलो. इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सब चुपचाप करते रहो, आपने निर्णय ले लिया. सफल होंगे तो घरवाले पूरे मोहल्‍ले में कहेंगे कि मेरे बेटे ने ये किया. आपकी सक्‍सेस उनका गर्व बन जाता है. पंचतंत्र पर गेम बनाइए, सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर प्रोफाइल बनाइए, हनुमानजी की कथा पर गेम बनाओ, अभिमन्‍यु पर गेम बनाओ, भारतीय कथा-कहानियों पर गेम बनाओ. ध्यान रखें, जुआ खेलना बर्बादी है लेकिन गेमिंग एक स्‍किल है.

पढ़ा हुआ भूल जाते हैं तो क्या करें?


एक छात्रा सृष्‍टि साहू ने कहा कि हम अपनी पढ़ाई करते हैं. पढ़ तो लेते हैं लेकिन बहुत जल्‍दी भूल जाते हैं. इस पर पीएम ने पूछा कि आज यहां आए हैं, 25 साल बाद कोई पूछेगा तो याद रहेगा या भूल जाएंगे? आप घर से निकले होंगे कि दिल्‍ली जा रहे हैं, पीएम के घर जाएंगे. किसी ने फोन किया होगा तो बताया होगा कि कल जा रहा हूं. आप इसमें इनवॉल्‍व हैं कि नहीं.. याद तब रहता है, जब मौका देखकर दूसरे से कंपेयर करते हैं. अपने से उपर वाले स्‍टूडेंट से 5-10 मिनट बैठकर सीखें और अपने से कमजोर वाले को बताओ. मन खुश होता है.आधी-अधूरी शिक्षा ठीक नहीं
परीक्षा पे चर्चा 2026 लाइव: पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा में स्टूडेंट्स से कहा कि खुद को सीमित नहीं करना है. उन्होंने सभी से आग्रह किया कि आप जिंदगी में सबसे ज्‍यादा उत्तम बनें, श्रेष्‍ठ बनें, अपना पूरा जीवन शानदार तैयार करें और इस प्रक्रिया में शिक्षा को एक माध्‍यम मानकर चलें. शिक्षा बोझ नहीं होनी चाहिए. इसमें हमारा टोटल इन्वॉल्वमेंट होना चाहिए. अगर ऐसा नहीं है तो गलत है. आधी आधूरी शिक्षा ठीक नहीं है.


स्किल और शिक्षा को बताया जुड़वा बहनें


स्किल और मार्क्स में से क्या जरूरी है के जवाब पर पीएम मोदी ने बताया कि इसे ऐसे समझें, पढ़ने का महत्‍व है कि सोने का महत्‍व है. इसका एक जवाब है- हर चीज में संतुलन होना चाहिए. एक तरफ झुकोगे तो गिरोगे कि नहीं. लाइफ स्‍किल और प्रोफेशनल स्‍किल, दोनों पर ध्‍यान देना चाहिए. बिना ज्ञान प्राप्त किए, बिना अध्‍ययन किए कोई स्‍किल आ सकती है क्‍या? उठने का समय क्‍या है,
पढ़ने का समय क्‍या है.. अगर मुझे पता ही नहीं टिकट कहां से लेना है तो मेरी पढ़ाई का क्या फायदा. लाइफ स्‍किल आम्‍तसात करनी ही है. दूसरी प्रोफेशनल स्‍किल, डॉक्‍टरी की स्‍किल नंबर 1 होनी चाहिए. आप नंबर वन हो गए, यूनिवर्सिटी में मैं सीखू या न सीखूं, कोई फर्क नहीं पड़ता है, ऐसा नहीं है. हार्ट स्‍पेशलिस्‍ट तभी बनोगे, जब मरीज के साथ जुड़कर समझोगे. वकील बनना है, सारी धाराएं पता हैं. अगर आपको अदालत में तैयार होना है तो कोई वकील का जूनियर बनना होता है. प्रोफेसशनल स्‍किल, जिसमें इंटरेस्‍ट है उसमें लगातार नया करते जाना. आपको टेक्‍नोलॉजी पढ़नी होगी. समझें कि शिक्षा और स्‍किल जुड़वा बहनें हैं.

पीएम मोदी के साथ जन्मदिन मनाती है सैनिक स्कूल की बच्ची


सैनिक स्‍कूल इंफाल मणिपुर से आई एक छात्रा ने परीक्षा पे चर्चा 2026 में पीएम मोदी को बताया कि उसका बर्थडे उन्हीं के जन्मदिन के साथ होता है. उसने यह भी कहा कि आप 75 वर्ष के हो गए हैं, अभी 25 बाकी हैं. पीएम मोदी ने कहा कि जो बीता है, उसकी गिनती में समय बर्बाद न करें, जो बचा है उसे जीने में समय लगाएं.

मानसी ने पीएम मोदी को सुनाया गाना
पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा में आई मानसी से कहा कि तुम्‍हें तो आता होगा कुछ गाना. मानसी ने सुनाया- तू बढ़ता चल तू बढ़ता चल
कुछ करता चल सारी दुनिया तेरे पीछे
मुश्‍किलों से लड़ता चल
तू बढ़ता चल तू आगे बढ़ता चल

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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