
Bharat varta desk:
आज बिहार- झारखंड समेत देश के विभिन्न हिस्सों में बड़े धूमधाम से भगवान परशुराम की जयंती मनाई गई। इस मौके पर बिहार के गोपालगंज में जयंती समारोह को संबोधित करते हुए जानेमाने संत और कथावाचक श्री उपेंद्र पाराशर जी महाराज ने कहा कि भगवान परशुराम जी के सिद्धांत और आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। उनका संपूर्ण जीवन साहस और पराक्रम से भरा है। उनके व्यक्तित्व में तेजस्वी, यशस्वी तथा वर्चस्वी का अद्भुत मिलन है जो अत्यंत दुर्लभ है। उनके नाम का उल्लेख मात्र करने से मन में पराक्रम और स्वाभिमान का संचार होने लगता है। भारत की युवा पीढ़ी को खासतौर से परशुराम जी के व्यक्तित्व व कृतित्व का अध्ययन करना चाहिए और उनके आदर्शों का अनुकरण करना चाहिए। उन्होंने अपनी वीरता का कभी निज हित में इस्तेमाल नहीं किया। उनका जीवन सेवा और त्याग का मिसाल है। वे राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित थे। पराशर जी ने कहा कि एक सशक्त व्यक्ति, सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए भगवान परशुराम के आदर्शों को अंगीकार करना होगा। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का अनुसरण करके ही भारत फिर से विश्व गुरु बन सकता है।
हनुमान जी की तरह अमर हैं परशुराम जी
हनुमान जी की तरह भगवान परशुराम जी भी सात चिरंजीवियों में हैं जो अमर हैं। सात चिरंजीवियों में महर्षि वेदव्यास, कृपाचार्य, अश्वत्थामा,बलि, विभीषण भी हैं।
वैशाख मास की तृतीया तिथि के दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुरामजी का अवतार हुआ था। इसलिए हर साल वैशाख मास की तृतीया तिथि यानी अक्षय तृतीया के दिन परशुराम जयंती मनाई जाती है।
पटना : बिहार राजस्व सेवा संयुक्त महासंघ के अंतर्गत बिरसा एवं बिरसा यूनाइटेड संयुक्त संघर्ष… Read More
Bharat Varta Desk : अक्सर हम बिहार पुलिस पर सवाल उठाते हैं, उसकी कार्यशैली की… Read More
Bharat varta Desk प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अपर और… Read More
Bharat varta Desk प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने… Read More
पटना, भारत वार्ता संवाददाता : बिहार में अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व कर्मचारियों (RO) की हड़ताल… Read More
Bharat varta Desk बिहार कैडर के चार आईपीएस अधिकारियों को अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) से… Read More