
Bharat varta desk:
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार के उस नोटिफिकेशन को खारिज कर दिया जिसके तहत सरकार ने ओबीसी में नॉन क्रीमीलेयर में प्राथमिकता तय कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कर दिया कि राज्यों को ओबीसी में सब क्लासिफिकेशन का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य ओबीसी में क्रीमीलेयर सिर्फ आर्थिक आधार पर तय नहीं कर सकते। सामाजिक और अन्य आधारों पर क्रीमीलेयर बनाया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि राज्यों को ओबीसी में क्रीमीलेयर के लिए सब क्लासिफिकेशन का अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने हरियाणा सरकार के 2016 के नोटिफिकेशन को खारिज करते हुए सरकार को निर्देश दिया कि वह फिर से क्रीमी लेयर को परिभाषित करें।
कोर्ट ने कहा कि यह नोटिफिकेशन इंदिरा साहनी से संबंधित वाद में सुप्रीम कोर्ट के दिए उस फैसले के खिलाफ है जिसमें कहा गया था कि आर्थिक, सामाजिक और अन्य आधार पर क्रीमीलेयर तय होगा।
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