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आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली

नई दिल्ली : समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर से विधायक आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। आजम खान को 89वें केस में अंतरिम जमानत मिली है। इससे पहले 88 केस में पहले ही उन्हें अंतरिम जमानत मिल चुकी है। आजम खान और उनके समर्थकों के लिए यह काफी राहत वाली खबर है। हालांकि, इस अंतरिम जमानत के बाद भी यह साफ नहीं हो पाया है कि आजम खान कब तक जेल से बाहर आ पाएंगे। दरअसल, पिछले दिनों आजम खान के खिलाफ एक अन्य मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज की है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने आजम खान को आदतन अपराधी करार दिया था। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की ओर से अंतरिम जमानत मिलने के बाद आजम के बाहर निकलने पर चर्चा का बाजार गरमा गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान को गुरुवार को बड़ी राहत दी। उन्हें 89वें केस में अंतरिम जमानत दे दी गई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह की अवधि के भीतर संबंधित अदालत के समक्ष नियमित जमानत के लिए आवेदन करने की स्वतंत्रता दी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि सक्षम अदालत द्वारा नियमित जमानत का फैसला होने तक अंतरिम जमानत जारी रहेगी। इससे माना जा रहा है कि नियमित जमानत याचिका पर फैसला आने के बाद ही आजम जेल से बाहर आ पाएंगे। आजम खान फरवरी 2020 से सीतापुर की जेल में बंद हैं। उनके जेल जाने के बाद से यूपी की राजनीति काफी गरमाई रही है।
मंगलवार को हुई थी जमानत याचिका पर सुनवाई
आजम खान की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई थी। उस दौरान आजम खान की ओर से पेश हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने उनका पक्ष रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। गुरुवार को उन्हें अंतरिम जमानत देने का फैसला सुनाया गया। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही आजम समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। माना जा रहा है कि 27 महीनों से जेल में बंद आजम खान अब उनके बीच आएंगे। हालांकि, अभी इसके लिए उन्हें अन्य मामलों की नियमित जमानत के लिए संबंधित कोर्ट में जाना होगा।
2020 के मामले में मिली है जमानत
आजम खान के खिलाफ वर्ष 2020 में गलत तरीके से स्कूल के लिए एनओसी लिए जाने का मामला दर्ज हुआ था। यह उनके खिलाफ दर्ज किया गया 89 केस था। इस केस में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अंतरिम जमानत दी है। दरअसल, गलत तरीके से स्कूल के लिए एनओसी लिए जाने के मामले में आजम खान के खिलाफ कोई चार्जशीट दायर नहीं की गई थी, इसलिए उन्हें अंतरिम जमानत दे दी गई। इस मामले में तीन लोगों पर चार्जशीट पहले ही दायर हो चुकी है। उन्हें आरोपी बनाया जा चुका है। आजम खान का नाम इस केस में बाद में जोड़ा गया। इस पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी आपत्ति जताई गई थी। अब इस मामले में आजम की गिरफ्तारी नहीं हो पाएगी।

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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