
रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय के सभागार में आज “आजीविका संवर्धन हुनर अभियान-ASHA” एवं “फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान” का शुभारंभ तथा “पलाश-ब्रांड” का अनावरण किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि झारखंड में अब कोई भी महिला सड़क पर हड़िया-दारु बेचती नही दिखे यह राज्य सरकार का संकल्प है। कोई भी महिला हड़िया-दारु बनाने और बेचने का कार्य मजबूरी में ही करती हैं। हड़िया-दारु बनाने और बेचने वाली महिलाओं को अब आजीविका से जोड़कर तथा हर संभव मदद कर उन्हें मुख्यधारा में लाने का काम सरकार करेगी। अभियान चलाकर इन महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा। सरकार ने इसकी शुरुआत आज से कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में हड़िया-दारु एक अभिशाप है। हड़िया-दारु समाज को कैंसर की तरह जकड़ रहा है। राज्य में कई जगहों पर महिलाओं ने अब हड़िया-दारु के उत्पादन का विरोध भी किया है। शराब बेचकर परिवार चलाने के लिए अब महिलाएं मजबूर न हों इस निमित्त आज तीन अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के उद्देश्य आजीविका संवर्धन हुनर अभियान (ASHA)•आजीविका संवर्धन हुनर अभियान के जरिए 17 लाख ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के सशक्त साधनों से जोड़ा जाएगा। •कृषि आधारित आजीविका, पशुपालन, वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण, उद्यमिता समेत स्थानीय संसाधनों से जुड़े स्वरोजगार के अवसर भी ग्रामीण महिलाओं को उपलब्ध कराए जाएंगे। •मिशन सक्षम के डेटाबेस में दर्ज 4.71 लाख प्रवासियों में से करीब 3.6 लाख प्रवासियों के परिवार को आशा के तहत फायदा होगा। •ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड परियोजना द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं के तहत करीब 1200 करोड़ की राशि का प्रावधान। फुलो झानो आशीर्वाद योजना•फुलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत हड़िया-दारु के निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को चिन्हित कर सम्मानजनक आजीविका के साधनो से जोड़ा जाएगा। •राज्य की 15 हजार से ज्यादा हड़िया-दारु निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी महिलाओं का सर्वेक्षण मिशन नवजीवन के तहत किया जा चुका है। इन महिलाओं का काउंसेलिंग कर मुख्यधारा के आजीविका से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। •चिन्हित महिलाओं को इच्छानुसार वैकल्पिक स्वरोजगार एवं आजीविका से जोड़ने का कार्य किया जाएगा।पलाश – ग्रामीण महिलाओं की श्रमशक्ति का सम्मान•ग्रामीण विकास विभाग ने सखी मंडल की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को पलाश ब्राण्ड के तहत बाजार से जोड़ने की तैयारी की है। •राज्य की ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को अच्छी पैकेजिंग, ब्राण्डिंग एवं मार्केटिंग की सुविधा इस पहल के जरिए दी जाएगी। •ग्रामीण महिलाओं को एक सफल उद्यमी के रुप में स्थापित करने में पलाश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। •ग्रामीण महिलाओं की आय में बढ़ोतरी के लिए पलाश पहल मील का पत्थर साबित होगा। •सखी मंडल की दीदियां कृषि उत्पाद, मास्क, सैनिटाईजर, सजावटी सामान सामान समेत तमाम उत्पादों का निर्माण कर रही है, पलाश इन उत्पादों को एक नया ब्राण्ड वैल्यू देगा।
Bharat varta Desk JEE मेन 2026 सेशन-1 के रिजल्ट में दिल्ली (NCT) के श्रेयस मिश्रा… Read More
Bharat varta Desk भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हरा दिया। रविवार को टी20… Read More
Bharat varta Desk पटना में शुक्रवार को पूर्व आईपीएस अमिताभ दास के आवास पर पुलिस… Read More
Bharat varta Desk सुरक्षित यात्रा के लिए रेल सुरक्षा बल तिरुचि रेल मंडल में अनोखा… Read More
Bharat varta Desk पप्पू यादव को 31 साल पुराने में मंगलवार को जमानत को मिल… Read More
Bharat varta Desk लोकसभा में विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ Rule 94(c) के… Read More