
नई दिल्ली, भारत वार्ता संवाददाता : आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) को 10 फीसदी आरक्षण देने का केंद्र सरकार का फैसला सही है। चीफ जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस जेबी पारदीवाला, जस्टिस बेला त्रिवेदी और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी ने इसके पक्ष में फैसला सुनाया। इस मामले में संविधान पीठ बनी थी। जिसमें इन चार जजों के अलावा जस्टिस रवींद्र भट भी थे। 5 जजों की संविधान पीठ में से 4 जजों ने संविधान संशोधन कर 10 फीसदी आरक्षण को सही बताया। जबकि, जस्टिस रवींद्र भट ने इसके खिलाफ अपना फैसला सुनाया। बहुमत से फैसला पक्ष में आने से आरक्षण जारी रहेगा।
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