मुजफ्फरपुर : उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक ने की विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक

मुजफ्फरपुर : उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक की अध्यक्षता में उद्योग विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षात्मक बैठक का आयोजन जिला समाहरणालय सभागार में किया गया। इसमें जिलाधिकारी प्रणव कुमार, उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, निदेशक हैंडलूम एवं रेशम विवेक रंजन मैत्रेय, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार, उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निदेशक आलोक कुमार तथा जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक धर्मेंद्र कुमार में भाग लिया। बैठक में सभी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

प्रधान सचिव संदीप पौंड्रिक ने निर्देश दिया कि सभी बैंक प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत निर्धारित लक्ष्य के अनुसार नए उद्योगों की स्थापना के लिए ऋण देना सुनिश्चित करें। कई बैंकों ने अभी तक मुजफ्फरपुर जिला में चालू वित्तीय वर्ष में किसी भी यूनिट को लगाने के लिए ऋण स्वीकृत नहीं किया है। वहीं, प्रमुख बैंकों द्वारा भी लक्ष्य से काफी कम ऋण स्वीकृत किया गया है। यह स्वीकार्य नहीं है। 3 नवंबर को सभी जिलों में उद्योग लगाने की योजनाओं के तहत ऋण वितरण का काम किया जाना है। उस तिथि तक सभी बैंक ऋण का वितरण सुनिश्चित करें और ऋण स्वीकृति पत्र कैंप लगाकर बांटें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खाद्य प्रसंस्करण उन्नयन योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण की नई इकाइयों की स्थापना और पुरानी इकाइयों के विस्तार के लिए उद्यमियों को मदद की जानी है। इसके लिए जिला संसाधन सेवी तैनात हैं। जिला उद्योग महाप्रबंधक को उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड में कम से कम चार जिला संसाधनसेवी पीएमएफएमई योजना के तहत बहाल करें। उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित ने जिला के सभी उद्यमियों के रजिस्ट्रेशन तथा जेड सर्टिफिकेशन की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिल सके। इस अवसर पर उद्योग विभाग के खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। सरकार की ओर से नए खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना तथा पुरानी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के विस्तार के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी दी जा रही है, जो ₹10 लाख तक का है। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को तकनीकी सुविधा और ब्रांडिंग के लिए भी सरकारी स्तर पर मदद दी जा रही है।

पीएमएफएमई स्कीम के तहत है, समूह में काम करने वाली खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को कलस्टर की स्थापना के लिए भी आर्थिक मदद देने की व्यवस्था है। जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण इकाई को लगाने के लिए इच्छुक लोग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के डायरेक्टर आलोक कुमार ने कहा कि वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट योजना के तहत हैंडिक्राफ्ट में मुजफ्फरपुर की लहठी को चुना गया है। प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना राज्य की फ्लैगशिप योजना है, जिसके तहत अधिकांश लाभुकों को प्रथम किस्त दिया जा चुका है। जिन लाभुकों ने प्रथम किस्त की उपयोगिता का प्रमाण पत्र जमा कर दिया है उन्हें दूसरी किस्त की राशि जारी की जाए। पुरानी योजनाओं के तहत जिन उद्यमियों ने प्रथम किस्त प्राप्त करने के बाद उद्यम चालू नहीं किया है, उनसे वसूली किया जाए। उद्योग निदेशक ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत प्रथम किस्त की उपादेयता का प्रमाण पत्र जमा करने के लिए विभाग के पोर्टल में भी प्रावधान किया गया है।

Dr Rishikesh

Editor - Bharat Varta (National Monthly Magazine & Web Media Network)

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