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Bharat varta Desk
झारखंड हाई कोर्ट ने शुक्रवार सुबह हुई सुनवाई के बाद रांची पुलिस को बड़ा झटका दिया है. हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के खिलाफ रांची पुलिस की जांच को फिलहाल रोक दिया है. इसके अलावा हाई कोर्ट ने रांची पुलिस को सख्त संदेश दिया है कि अगर प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में कुछ भी होता है तो इसकी सीधे जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यानी एसएसपी की होगी. हाई कोर्ट ने इसके अलावा केंद्रीय सुरक्षा बलों सीआईएसएफ और बीएसएफ को प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय की सुरक्षा देखने का निर्देश भी दिया है.
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में गृह सचिव और प्राइवेट रिस्पॉडेंट को भी पार्टी बनाने का निर्देश दिया है. इस मामले में हाई कोर्ट ने 7 दिनों के अंदर राज्य सरकार से जवाब तलब भी किया है और साथ ही सीसीटीवी को प्रिजर्व करने के भी निर्देश दिए हैं.
एक दिन पहले गुरुवार सुबह 6 बजे रांची पुलिस की एक टीम सदर डीएसपी के नेतृत्व में रांची स्थित प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंच गई थी. उसके बाद प्रवर्तन निदेशालय की दरअसल ये पूरा मामला राजधानी रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी कार्यालय से जुड़ा है. पेयजल और स्वच्छता विभाग के पूर्व क्लर्क संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि पूछताछ के लिए बुलाए जाने के दौरान ईडी के सहायक निदेशक प्रतीक और उनके सहायक शुभम ने उनके साथ मारपीट की. संतोष कुमार का दावा है कि मारपीट में उनका सिर फोड़ दिया गया और बाद में सबूत मिटाने की कोशिश भी की गई. इसके बाद उन्होंने रांची एयरपोर्ट थाने में ईडी के दो अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई.
ईडी ऑफिस पर रांची पुलिस का धाबा
बता दें कि एफआईआर दर्ज होने के बाद गुरुवार सुबह रांची पुलिस की एक टीम ईडी ऑफिस पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस के साथ फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम भी मौके पर पहुंची थी. ईडी ऑफिस के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था.
हालांकि, ईडी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे साजिश बताया है. ईडी के अधिकारियों का कहना है कि संतोष कुमार को कोई समन नहीं भेजा गया था और पूछताछ के दौरान उन्होंने खुद शीशे की बोतल से अपने सिर पर चोट पहुंचाई थी. ईडी का दावा है कि इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और इलाज कराया गया.
देर शाम प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में झारखंड हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. झारखंड हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए आज शुक्रवार की सुबह का समय मुकर्रर किया था. अब सुनवाई के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को जवाब देने को कहा है. वहीं प्रवर्तन निदेशालय की सुरक्षा की पूरी जवाबदेही एसएसपी पर डालते हुए वहां सीआईएसएफ और बीएसएफ की तैनाती करने को कहा है.
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