
बिहार को विकसित बनाएंगे, नए उद्योग लगाएंगे: समीर कुमार महासेठ
सैकड़ों नए उद्योग लगाएंगे, यह हमारा संकल्प है: उद्योग मंत्री
पटना, भारत वार्ता संवाददाता : बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने फतुहा इंडस्ट्रियल एरिया में बैग कलस्टर का उद्घाटन किया जहां मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत सहायता प्राप्त महिला उद्यमियों की नई इकाइयों की शुरुआत हुई। प्रथम चरण में 225 मशीनें लगाई गई हैं जिन पर बैगों की सिलाई की जाएगी। उद्योग विभाग की पहल पर महिलाओं द्वारा संचालित इन इकाइयों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति प्राइवेट कंपनी द्वारा की जाएगी और उसी कंपनी द्वारा तैयार माल का विपणन किया जाएगा। इन इकाइयों के उद्घाटन के समय उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ के साथ उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक, उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित और बियाडा के अधिकारी भी मौजूद रहे। मीडिया कर्मियों को उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि बिहार औद्योगिकरण के नए अध्याय लिख रहा है। फतुहा और मुजफ्फरपुर में एक साथ बैग कलस्टर की शुरुआत की जा रही है। फतुहा में जहां 225 मशीनें लगाई गई हैं,वही मुजफ्फरपुर बैग कलस्टर में महिला उद्यमियों द्वारा 264 मशीनें लगाई गई हैं। समीर महासेठ ने कहा कि यह शुरुआत है अगले चरण में हजारों और मशीनें लगाई जाएंगी जिससे इन दोनों बैग कलस्टर में 3000 से अधिक महिला उद्यमियों को रोजगार मिलेगा। उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि टेक्सटाइल और लेदर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने नई टेक्सटाइल और लेदर नीति बनाई है। उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए यह भारत की सबसे अच्छी नीतियों में एक है।लेदर और टेक्सटाइल के क्षेत्र में नई इकाइयों की स्थापना पर सरकार द्वारा 15% की कैपिटल सब्सिडी दी जा रही है और इसकी अधिकतम सीमा ₹10 करोड़ है।टेक्सटाइल और लेदर क्षेत्र की इकाइयों को ₹2 प्रति यूनिट की दर से पावर टेरिफ अनुदान दिया जा रहा है।इकाइयों के स्थापना हेतु ली गई ऋण पर 10 से 12% तक का अनुदान दिया जा रहा है।रोजगार सृजन करने वाली इन इकाइयों को प्रति कर्मचारी प्रतिमाह ₹5000 तक की रोजगार सृजन सब्सिडी दी जा रही है।कर्मचारियों के स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रति कर्मचारी ₹20000 प्रतिवर्ष की मदद भी बिहार की नई लेदर और टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत दी जा रही है।
निर्यात के लिए भेजे जाने वाले सामान पर 30% का माल भाड़ा अनुदान भी दिया जा रहा है।
पेटेंट रजिस्ट्रेशन पर ₹1000000 तक का और कुल खर्च का 50% तक का अनुदान दिया जा रहा है।
राज्य कर SGST की 100 फ़ीसदी तक वापसी की सुविधा दी गई है। उद्योग मंत्री ने कहा कि नई नीति के तहत स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन शुल्क और लैंड कन्वर्जन फी की 100% वापसी की व्यवस्था है। लेदर टेक्सटाइल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए बियाडा के औद्योगिक शेड में प्लग एंड प्ले आधार पर 24 लाख वर्ग फीट जगह 4 से ₹6 प्रति वर्ग फीट की दर से दिया जा रहा है। बड़ी इकाइयों के लिए बियाड़ा क्षेत्र में 3000 एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध है।
उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में बिहार उद्योगों के क्षेत्र में तेजी से तरक्की करेगा। बिहार अपार संभावनाओं का प्रदेश है। बिहार सरकार की नीतियां उद्योगों के अनुकूल है। बिहार के पास बड़ा बाजार है। बिहार में प्रगतिशील सोच वाली सरकार है। बिहार में कुशल श्रमिकों की उपलब्धता है। उद्योग लगाने के लिए बिहार हर दृष्टि से एक बेहतर विकल्प है। बिहार को विकसित बनाएंगे, नए उद्योग लगाएंगे, यह हमारा संकल्प है।
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