
Bharat Varta Desk: भागलपुर के चर्चित सृजन घोटाले में प्रणव कुमार घोष (पीके घोष) की गिरफ्तारी के बाद अभी कई लोग प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर हैं। ईडी ने भागलपुर शहर के बड़े कारोबारी और सीए पीके घोष को शनिवार को गिरफ्तार जेल भेज दिया है। इसके पहले ईडी कार्यालय में उनसे 2 दिनों तक पूछताछ की गई। पीके घोष के अलावे करीब एक दर्जन लोग ईडी जांच के दायरे में हैं।
प्रणव कुमार घोष की गिरफ्तारी के बाद से सृजन से जुड़े कारोबारियों और सफेदपोशों के बीच हड़कंप मच गया है। कई लोग भूमिगत हो गए हैं। पिछले साल कई आरोपियों की संपत्ति ईडी जब्त कर चुका है। घोटाले की सूत्रधार रही सृजन महिला समिति की सचिव स्व मनोरमा देवी से सैकड़ों कारोबारी, बड़े-बड़े नेता और अफसर जुड़े हुए थे। अपने ऊंची पहुंच के कारण उन्होंने करीब दो दशक तक भागलपुर की रसूखदार महिला के रूप में सिक्का चलाया चलाया। कई जनप्रतिनिधि, विधायक, सांसद और मंत्री उनका चरण स्पर्श करके अभिवादन करते थे। बता दें कि 7 अगस्त 2017 को करीब 12 सौ करोड़ का सृजन घोटाला उजागर हुआ था जिसके बाद आर्थिक अपराध इकाई की टीम और जिला पुलिस ने इसकी जांच शुरू की और कई लोगों को जेल भेजा। बाद में सरकार पर घोटाले को दबाने का आरोप लगने लगे तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मामले की जांच सीबीआई और ईडी को सौंप दी थी।
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