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सीजेआई ने जाने से पहले सुप्रीम कोर्ट की लंबी-लंबी छुट्टियों को खत्म किया, विदाई समारोह में बोले- गलती हुई होगी तो माफ कर देना

Bharat varta Desk

सुप्रीम कोर्ट के जजों को मिलने वाली लंबी गर्मियों की छुट्टियों को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं. अब नियमों में बदलाव करके लंबी छुट्टियों को आंशिक अवकाश में बदल दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश डॉ डीवाई चंद्रचूड़ ने अवकाश ग्रहण करने के पहले अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में जजों की लंबी छुट्टियां को खत्म कर दिया‌। कोर्ट की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि छुट्टियों की संख्या 90 दिनों से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, जिनमें रविवार शामिल नहीं हैं. पहले यह संख्या 103 थी. मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अगुआई में नियमों में संशोधन कर इसे अधिसूचित किया गया है.सुप्रीम कोर्ट ने अपनी पारंपरिक गर्मी की छुट्टियों को आंशिक अदालती कार्य दिवस ​​नाम देने का कदम तब उठाया है जब सरकार ने जजों के लिए अलग-अलग छुट्टियों पर एक संसदीय समिति की सिफारिशें कोर्ट के महासचिव और 25 हाईकोर्ट के महापंजीयक के विचार के लिए भेजी है। जजों की लंबी छुट्टियों की बहुत आलोचना होती रही है

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ का शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में लास्ट वर्किंग डे था। वह बहुत सी यादें और किस्से संजोकर विदा हुए तो तमाम यादें लोगों को देकर गए। उन्होंने फेयरवेल स्पीच में सुप्रीम कोर्ट के जजों, वकीलों समेत अन्य सभी स्टाफ को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यदि मैंने गलती से भी किसी को आहत किया हो या कोई दुखी हुआ हो तो मुझे माफ कर देना। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और कपिल सिब्बल ने भी भाषण दिया। अभिषेक मनु सिंघवी ने तो मजाकिया लहजे में कहा कि आप यह तो बताते जाएं कि आपके युवा बने रहने का राज क्या है।चीफ जस्टिस ने न्यायपालिका के अपने शुरुआती दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि मैं जब छोटा था तो मैं अदालत में आया करता था। चीफ जस्टिस ने कहा कि यदि मैंने किसी का भी दिल दुखाया हो तो मुझे माफ करिएगा। उन्होंने कहा कि भले ही आज मेरा कोर्ट में आखिरी दिन है, लेकिन यह मेरे भीतर से कभी नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अदालत ही थी, जिसने मुझे जीवंत रखा। ऐसे लोगों से भी मुलाकात होती रही, जिन्हें हम शायद न जानते हों। मैं आप सभी को धन्यवाद देते हुए अपनी बात समाप्त करता हूं।उन्होंने कहा कि आप इतनी बड़ी संख्या में मेरे फेयरवेल में आए। इसके लिए भी मैं आपका आभारी हूं। वहीं सॉलिसिटरल जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने हमेशा निष्पक्ष तरीके से काम किया है। वह कभी भी किसी तरह के पक्षपात में नहीं रहे। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा आपके सामने पेश होने में हमेशा खुशी महसूस हुई। आप बेहद विद्वान हैं और न्याय की परिभाषा को समझाते रहे हैं। हमें आपके सामने कभी भी किसी तरह की हिचक नहीं हुई। उन्होंने कहा कि आपको बहुत मिस किया जाएगा। वहीं कपिल सिब्बल ने भी तारीफ की और कहा कि आपका धैर्य असीमित है। उन्होंने कहा कि मैंने इतने धीरज वाला जज दूसरा नहीं देखा। इस दौरान चंद्रचूड़ मुस्कुराते रहे।

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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