
लखनऊ, भारत वार्ता संवाददाता : लखनऊ के गोमती नगर स्थित सीआरपीएफ, मध्य सेक्टर मुख्यालय के प्रांगण में रविवार को धूमधाम एवं भव्य तरीके से सीआरपीएफ दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सेक्टर के उप महानिरीक्षक राजीव रंजन, भा.पु.से. ने उपस्थित सभी अधिकारियों और जवानों को शुभकामनाएं दीं। इस दिवस को मनाए जाने के महत्व के बारे में उन्होंने बताया कि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल मूलतः काउन रिप्रेजेन्टेटिव पुलिस के नाम से 27 जुलाई 1939 को नीमच (मध्य प्रदेश) में स्थापित हुआ था। तत्कालीन गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल ने अथक प्रयासों के द्वारा स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात काउन रिप्रेजेन्टेटिव पुलिस को 28 दिसम्बर 1949 में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के रूप में पुर्नस्थापित किया तथा उन्होंने इस बल को आज ही के दिन अर्थात दिनांक 19 मार्च 1950 में ध्वज प्रदान किया। अतः केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के लिए आज का दिन एक विशेष महत्व का दिन है और इस दिन को बल में के.रि.पु.बल दिवस परेड के रूप में मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर उन शूरवीर अधिकारियों और कार्मिकों के शहादत को उन्होंने नमन किया, जिन्होंने कर्तव्य की बेदी पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।
उप महानिरीक्षक राजीव रंजन ने आगे बताया कि बल का पिछले 84 वर्षों में गौरवमयी इतिहास रहा है, जिसमें बल ने समय-समय पर अपने शौर्य एवं पराक्रम से पूरे देश को अपनी ओर आकर्षित किया है एवं भारतीय समाज में अपनी एक अलग छवि प्रस्तुत की है। आज देश में किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था दंगा व आतंकी गतिविधियों को नियंत्रित करने की जरूरत होती है, तो सरकार सर्वप्रथम इस बल से अपेक्षा रखती है। बल के गौरवमयी गाथाओं में से कुछ के बारे में उन्होंने बताया कि कैसे बल के जवानों ने शहादत देकर देश की आन, बान और शान को बनाए रखा है :-
21 अक्टूबर 1959 को केरिपुबल के 21 जवानों ने लद्दाख (जम्मू-कश्मीर) के हॉट स्प्रिंग नामक स्थान पर चीनी हमले की बहादुरी एवं वीरता का परिचय देते हुए नकाम किया। इस हमले में केरिपुबल के 10 जवान बहादुरी के साथ लड़ते हुए शहीद हो गये।
09 अप्रैल 1965 को सरदार और टाक चौकियों की रक्षा में 02 बटालियन के 04 कम्पनियों के जवानों ने पाकिस्तानी सेना के समक्ष अद्भुत साहस एवं शौर्य व वीरता का परिचय देते हुए एक बिग्रेड के हमले को नकाम किया।
वर्ष 2001 में भारतीय संसद पर हमले को नाकाम किया।
वर्ष 2005 में अयोध्या में श्री राम जन्म भूमि की रक्षा की।
उन्होंने जानकारी दी कि केरिपुबल विश्व की सबसे बड़ा अर्द्धसैनिक बल है तथा इसके बटालियनों की संख्या वर्तमान में 247 हो गई है । इस बल में 15 आर.ए.एफ, बटालियन, 10 कोबरा बटालियन, 05 सिगनल बटालियन, 06 महिला बटालियन तथा 211 कार्यकारी बटालियन के अतिरिक्त 01 एस०डी०जी० 01 पीडीजी बटालियन है। केरिपुबल के अधिकारी व जवान देश के अति संवेदनशील तथा दुर्गम क्षेत्रों में तैनात रहकर आतंकवादियों से देश की सुरक्षा करने के अलावा कानून व्यवस्था की ड्यूटी, चुनाव ड्यूटी, महत्वपूर्ण व्यक्तियों एवं स्थानों की सुरक्षा की ड्यूटी तथा आपदा प्रबंधन का निर्वहन भी करते हैं। इस महान बल ने देश को कई अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों जैसे तैराकी में खजान सिंह, परमजीत सिंह, भारोत्तोलन में कुंजु रानी, कर्णम मल्लेश्वरी शूटिंग में टी.एस. दिल्लन, जी.एस. रंधावा दिये हैं, जिन्होंने विभिन्न खेलों में उच्च प्रदर्शन कर विश्व में न केवल इस देश का बल्कि इस बल के नाम को भी गौरवान्वित किया है।
इस अवसर पर उन्होंने बल के सदस्यों को सपरिवार शुभकामनाएँ दीं तथा अपेक्षा किया कि सभी मिलकर इस महान बल का नाम भविष्य में इसी प्रकार रोशन करते रहेंगे। इस अवसर पर राजीव रंजन भा.पु.से., पुलिस उपमहानिरीक्षक के साथ सुनील कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं श्री आर.के. सिंह, कमांडेंट एवं अन्य राजपत्रित अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी तथा अन्य रैंक एवं वीर जवानों ने हिस्सा लिया।
Bharat varta Desk -मुख्यमंत्री विजय और अभिनेत्री तृषा पर टिप्पणी का आरोप -उनकी रैली में… Read More
Bharat varta Desk धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल प्रह्लाद… Read More
Bharat varta Desk दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से चल रहा… Read More
Bharat varta Desk जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र… Read More
Bharat varta Desk NEET पेपर लीक मामले में छात्रों के प्रदर्शन के बीच एनटीए ने… Read More
Bharat Varta Desk दिल्ली में चल रहे NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन… Read More