
Bharat Varta desk: बिहार के 7 विश्वविद्यालयों के कुलपति के कामकाज पर रोक लगाने के बाद वर्तमान राज्यपाल और कई बड़े फैसले ले सकते हैं। पूर्ववर्ती राज्यपाल ने जाते-जाते कई ऐसे फैसले आनन-फानन में लिए जिन को लेकर तरह-तरह के चर्चा का बाजार गर्म रहा। इसमें मगध विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति का मामला भी शामिल है। कहा जा रहा है कि वर्तमान राज्यपाल पूर्ववर्ती राज्यपाल फागू चौहान के कई फैसलों की समीक्षा कर सकते हैं।
फिलहाल शनिवार को राज्यपालराजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के प्रधान सचिव की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सातों विश्वविद्यालय के कुलसचिवों के काम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाया जाता है। इनमें वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा, मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया, पटना विश्वविद्यालय, पटना, मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, पटना और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना के कुलसचिव के कामकाज पर रोक लगाई गई है। इनकी नियुक्ति पिछले राज्यपाल ने की थी जिसको लेकर कई सवाल उठे थे।
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