
Bharat Varta Desk : बीजेपी के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी गई है। शाहनवाज हुसैन के खिलाफ बलात्कार के मामले में एफआईआर का आदेश कायम रहेगा। ये मामला साल 2018 का है।
शाहनवाज का कहना था कि शिकायतकर्ता ने उनकी छवि खराब करने और ब्लैकमेल करने के लिए आरोप लगाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप दूसरे कानूनी विकल्प अपनाएं। हम राहत नहीं दे सकते।
वजह जान लीजिए
दरअसल, पुलिस के मुताबिक रेप का आरोप सही नहीं है। फिर भी ट्रायल कोर्ट ने रेप केस दर्ज करने के लिए कहा। केस दर्ज करने के आदेश की वजह यह है- “क्रिमिनल एमेंडमेंट एक्ट 2013 के तहत, IPC के सेक्शन 376 (रेप) जैसे दंडनीय मामलों में पुलिस के लिए CrPC के सेक्शन 164 के तहत पीड़ित का बयान दर्ज करना अनिवार्य है।”
हाईकोर्ट का आदेश क्या था?
दिल्ली हाईकोर्ट ने 18 अगस्त 2022 को बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन के खिलाफ रेप का केस दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने पुलिस को तीन महीने में जांच पूरी करने के लिए कहा था। साल 2018 में दिल्ली की एक महिला ने निचली अदालत में याचिका दायर कर हुसैन पर रेप का केस दर्ज करने की मांग की थी।
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