
पटना: राजद नेता व बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शराब मामले में मंत्री रामसूरत राय के विवाद को लेकर आज एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा हमला बोला है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि 13 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हमने मांग की थी कि आरोपी मंत्री और उसके भाई स्कूल संचालक से हुए इकरारनामा के दस्तावेज पेश करें। यदि कोई रेंट एग्रीमेंट हुआ है तो उसे सार्वजनिक करें। मंत्री रामसूरत राय ने मीडिया कर्मियों को ऐसे ही किसी एग्रीमेंट की कुछ पंक्तियां पढ़कर सुनाई थी और कहा था कि सोमवार को वह उस एग्रीमेंट की कॉपी मीडिया कर्मियों को सौंप देंगे लेकिन आज 17 मार्च तक भी उन्होंने वह कागजात और एग्रीमेंट नहीं दिखाई। क्यों नहीं दिखाए? मंत्री इसका जवाब दें। मंत्री खुद मान रहे हैं कि स्कूल उनके स्वर्गीय पिता के नाम पर है, स्कूल के व्यवस्थापक उनके भाई हैं, जमीन उनके भाई के नाम पर है, उनका भाई और भगीना एफआईआर में नामजद है फिर भी आज तक उनके भाई की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री इसका जवाब दें। मंत्री के भाई के स्कूल में शराबबंदी कानून अनुसार अब तक थाना क्यों नहीं खोला गया? पुलिस की केस डायरी में जब पिकअप वाहन संख्या BR06 C 1996 के मालिक भी मंत्री के भाई हंस लाल राय हैं फिर भी उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? स्कूल परिसर के मालिक भी मंत्री के भाई हैं फिर भी गिरफ्तारी क्यों नहीं ? पुलिस की केस डायरी में लिखा है कि अवैध शराब का व्यापार खरीद एवं बिक्री करना संज्ञेय अपराध है एवं परिसर मालिक हंसलाल राय के परिसर को विधिवत सील किया जाता है अगर उसके परिसर को सील किया जाता है तो उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया जाता? जैसा अमरेंद्र कुमार के भाई ने पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि अमरेंद्र ने ही पुलिस को फोन किया था तो उसकी CDR सार्वजनिक किया जाए। मंत्री और उनके भाई की भी CDR सार्वजनिक की जाए।
तेजस्वी ने कहा कि मंत्री ने झूठ बोला कि वह 10 वर्षों से भाई से नहीं मिले। जब हमने फोटो सहित 2017 का साक्ष्य पेश किया तो अब वह अलग ही कहानी गढ़ रहे हैं। मंत्री के गरिमामय पद पर बैठा व्यक्ति सार्वजनिक जीवन में सफेद झूठ कैसे बोल सकता है? मंत्री कह रहे हैं कि राजनीतिक कार्यकर्ता होने के नाते उन्हें बुलाया गया है जबकि पास के ही पारू से बीजेपी विधायक कह रहे हैं कि रामसूरत राय ने फोन करके उन्हें उस स्कूल में चीफ गेस्ट में बुलाया था। बताइए यह मंत्री कितना झूठ बोल रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 हफ्ते में मंत्री के भाई के परिसर में थाना नहीं खोला तो हम मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। मुख्यमंत्री दोहरी नीति क्यों अपना रहे हैं? हम तो उन लोगों को कहेंगे जिनके परिसर, मकान, दुकान, होटल, इस कानून के तहत जब्त कर उस संपत्ति पर थाना खोला गया है या जब्त किया गया है वह सभी गृहमंत्री सह मुख्यमंत्री पर केस करें कि उनके साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है? अगर मुख्यमंत्री जी मंत्री के भाई के परिसर में थाना खोलने में असहाय और असमर्थ है तो 1 अप्रैल को शराबबंदी लागू होने के 5 वर्ष बाद मुख्यमंत्री आवास में ही शराब का ठेका खोल लें इससे प्रदेश में कम से कम शराब का अवैध कारोबार तो नहीं होगा। नीतीश जी इसके साथ ही अपने मंत्रियों और विधायकों के आवास और क्षेत्र में भी शराब का ठेका खुलवा दें क्योंकि इससे सत्ताधारी मंत्री-विधायक शराब की तस्करी नहीं करा सकेंगे और राजस्व की भी हानि नहीं होगी।
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