
Bharat Varta Desk: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एन वी रमण ने शनिवार को मद्रास हाईकोर्ट के कार्यक्रम में कहा कि न्यायाधीश आंख बंद कर के नियमों को लागू नहीं कर सकते हैं क्योंकि संघर्षों का भी एक मानवीय चेहरा होता है। उन्होंने न्यायाधीशों से कहा कि कोई भी फैसला देने के पहले उनके सामाजिक आर्थिक और सामाजिक प्रभावों का आकलन करना चाहिए। चीफ जस्टिस ने कहा कहा, ‘इन्सटैंट नूडल्स’ के इस दौर में लोगों को तुरंत इंसाफ की उम्मीद होती है, लेकिन उन्हें इस बात का अहसास नहीं है कि अगर हम तत्काल न्याय का प्रयास करते हैं तो वास्तविक न्याय को नुकसान होगा।’ संकट के समय लोगों ने न्यायपालिका की ओर देखा और उनका दृढ़ विश्वास है कि उनके अधिकारों की रक्षा अदालतें करेंगी। उन्होंने कहा कि हमें अपने फैसलों के जरिए जनता के बीच पहुंचना होगा।
Bharat varta Desk अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले… Read More
Bharat varta Desk डॉ. महेश दीक्षित को भारत की प्रमुख खुफिया एजेंसी, खुफिया ब्यूरो (IB)… Read More
Bharat varta Desk भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश में अपनी नई टीम का… Read More
Bharat varta Desk पटना हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा भरत तिवारी एनकाउंटर… Read More
Bharat varta Desk बिहार में भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर मामले के विरोध में आज भोजपुर… Read More
Bharat varta Desk रेल मंत्रालय की कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन के चेयरमैन… Read More