
गया भारत वार्ता संवाददाता: ब्राह्मणों के बारे में अपशब्दों का प्रयोग करने वाले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के खिलाफ उनके गृह जिला गया में पंडा और पंडितों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विष्णुपद मंदिर से मार्च निकाला गया और उनके खिलाफ नारे लगाए गए। इस मौके पर ब्रह्मदेव ने ऐलान किया कि वे जीतन राम के मरने के बाद उनके श्राद्ध कर्म में शामिल नहीं होंगे। प्रदर्शनकारियों ने जीतन राम का पुतला दहन भी किया।
दूसरी ओर ब्राह्मणों के खिलाफ बोलना मांझी के गांव के लोगों को भी अच्छा नहीं लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री गया जिले के महाकार गांव के रहने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके गांव के लोगों ने भी इसके लिए उनकी आलोचना की है। सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें उनके गांव की महिलाएं भी इसको लेकर गुस्से में है।
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