
Bharat Varta desk
कोरोना वायरस महामारी के दौरान कई परिवार में माता-पिता की मौत हो गई है जिसके कारण उनके बच्चे अनाथ हो गए हैं. उनकी परवरिश की समस्या उत्पन्न हो गई है. ऐसे में पंजाब सरकार ने यह घोषणा किया है कि वह अपने राज्य में अनाथ बच्चों को स्नातक तक मुफ्त शिक्षा देगी. इस मामले में बिहार और झारखंड की सरकार अभी काफी पीछे है.
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दूसरे राज्यों के लिए नजीर पेश करते हुए मीडिया को बताया है कि ऐसे बच्चों को डेढ़ सौ रुपए महीने सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा है कि जिन बच्चों ने अपने माता-पिता या कमाने वाले सदस्य को खो दिया है उन्हें स्कूल और कॉलेज की शिक्षा का जिम्मा राज्य सरकार उठाएगी. 21 साल की उम्र तक उन्हें हर तरह की सहायता सरकार देगी. यहां बता दें कि कुछ दिन पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यह अनुरोध किया था कि कोरोना महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था नवोदय विद्यालय में कराई जाए.
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