
नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी कैबिनेट में फेरबदल की सुगबुगाहट को लेकर मंत्रियों के बीच बेचैनी है। दिल्ली के लुटियंस जोन में यह चर्चा जोरों पर है कि कर्नाटक चुनाव में हार और 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बड़ा बदलाव होने वाला है। पीएम नरेंद्र मोदी एक या दो सप्ताह में मंत्रिमंडल और भाजपा संगठन में बड़ा बदलाव कर सकते हैं। चर्चा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री सहित कुछ मुख्यमंत्रियों को भी बदला जा सकता है। केंद्रीय कैबिनेट में कई वरिष्ठ मंत्रियों के विभाग को बदला जा सकता है। कुछ मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। उससे पहले जरूरी होमवर्क करने में समय लग रहा है। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह होमवर्क करने में लगे हैं। इसी बदलाव के तहत कानून मंत्रालय से किरण रिजिजू और एसपी बघेल दोनों को हटाकर विभाग बदल दिया गया है। चर्चा है कि कैबिनेट बैठक में दोनों कानून मंत्रियों की कोई बड़ी गलती पाई गई, जिससे पीएम मोदी नाराज हुए थे।
सूत्र बता रहे हैं कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का विभाग बदलक नॉर्थ ब्लॉक के एक महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी उन्हें दी जा सकती है। बिहार के आरा से सांसद और केंद्र में बिजली मंत्री आरके सिंह को हटाने की चर्चा है। जातीय समीकरण को साधने के लिए बिहार से 2 नए मंत्री बनाये जा सकते हैं। बिहार में लोकसभा चुनाव में स्थिति को देखते हुए और सामाजिक समीकरण सेट करने के लिए बीजेपी की नजर पासवान वोटों पर है। वोट बटें न इसके लिए चिराग पासवान को कैबिनेट में शामिल किए जाने की उम्मीद जताई जा रही ह। इसी तरह महाराष्ट्र में ठाकरे से अलग होकर शिवसेना (शिंदे गुट) ने बीजेपी के साथ सरकार बनाई है। माना जा रहा है एनडीए का घटक दल होने के नाते इन्हें भी सरकार में शामिल किया जा सकता है। तमिलनाडु से एआईडीएमके को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ से कुछ सांसदों को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है।
सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड भी तैयार किया जा रहा है। फेरबदल और जिम्मेदारियों में बदलाव इसी रिपोर्ट कार्ड के आधार पर किए जा सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार ने आठ पॉइंट के आधार पर मंत्रिमंडल में मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड को तैयार करने का पूरा ब्यौरा मांगा है। जानकारी के मुताबिक आठ पॉइंट्स में यह देखा जा रहा है कि सरकार की योजनाओं को किस स्तर पर जमीन पर उतारा गया है।
सरकार में कम से कम आधे दर्जन सीनियर मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। उन्हें सरकार के बजाय संगठन का काम दिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, 2024 से पहले पीएम नरेंद्र मोदी अधिकतर नेताओं को संगठन में लगाना चाहते हैं और सरकार में ऐसे नए लोगों को शामिल करना चाहते हैं जो सरकार और पार्टी का भविष्य का चेहरा बन सकें। इस तरह प्रस्तावित कैबिनेट फेरबदल न सिर्फ सरकार बल्कि पार्टी के लिहाज से भी बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिसके दूरगामी असर हो सकते हैं।
Bharat varta Desk -मुख्यमंत्री विजय और अभिनेत्री तृषा पर टिप्पणी का आरोप -उनकी रैली में… Read More
Bharat varta Desk धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल प्रह्लाद… Read More
Bharat varta Desk दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से चल रहा… Read More
Bharat varta Desk जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र… Read More
Bharat varta Desk NEET पेपर लीक मामले में छात्रों के प्रदर्शन के बीच एनटीए ने… Read More
Bharat Varta Desk दिल्ली में चल रहे NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन… Read More