
Bharat varta desk: बिहार में नेताओं को मिली सुरक्षा के आधार पर उनकी हैसियत का आकलन होता है। जिसको जितनी अधिक सुरक्षा मिलती है यानी जिसको जितने सुरक्षा गार्ड मिलते हैं वह उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए यहां पैसे और पैरव के आधार पर सुरक्षा गार्ड लेने का चलन बहुत पहले से रहा है। छोटे-छोटे नेता, ठेकेदार, बिचौलिए किस्म के लोग और बड़े नेताओं के परिजन व नजदीकी लोग भी सुरक्षा गार्ड लेकर टहलते देखे जाते हैं।
नीतीश सरकार ने JDU संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की सुरक्षा को बढ़ाते हुए Y+ (वाई प्लस) श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्देश दिया गया है। इस बाबत गृह विभाग की विशेष शाखा के विशेष सचिव विकास वैभव ने पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल , एडीजी (विशेष सुरक्षा) बच्चू सिंह मीणा को पत्र लिखा है।
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