
Bharat varta desk: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अवैध तरीके से खनन पट्टा लेने के मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी मगर चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ के नहीं बैठने के कारण टल गई है। हालांकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने जबाव दाखिल किया।
मालूम हो कि याचिका झारखंड हाई कोर्ट में सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ 11 फरवरी को जनहित याचिका दायर की गयी है. प्रार्थी शिव शंकर शर्मा की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जिम्मे खनन के साथ-साथ वन एवं पर्यावरण विभाग भी है। खनन पट्टा के लिए उन्होंने आवेदन दिया और खुद ही पर्यावरण क्लीयरेंस करते हुए खनन पट्टा ले लिया। ऐसा करना पद का दुरुपयोग और जनप्रतिनिधि अधिनियम का उल्लंघन है। इसलिए इस पूरे मामले की सीबीआइ से जांच कराई जाए। प्रार्थी ने याचिका के माध्यम से हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की मांग भी की है।
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