धर्म/अघ्यात्म

सूर्य के महान उपासक थे अंग-पुत्र महाभारतकालीन योद्धा कर्ण

  • शिव शंकर सिंह पारिजात

भागलपुर: आज नहाय-खाय के साथ चार-दिवसीय छठ महापर्व के प्रारंभ होते ही अंगभूमि के नाम से विख्यात रहे भागलपुर प्रक्षेत्र में छठ पर्व से जुड़ी प्राचीन परम्पराएं मुखर हो उठती है क्योंकि यहां की भूमि के साथ सूर्य पुत्र महाभारतकालीन योद्धा कर्ण का नाम जुड़ा हुआ है जो एक परम् सूर्य-उपासक भी थे।

छठ पर्व में सूर्योपासना का अत्यंत महत्व है क्योंकि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार छठी मैया भगवान भाष्कर की बहन मानी जाती हैं। इस पावन पर्व में अस्ताचलगामी सूर्य के साथ उदीयमान सूर्य को व्रतियों के द्वारा अर्ध्य प्रदान किया जाता है।

महाभारतकालीन योद्धा कर्ण अंगपुत्र माने जाते हैं; क्योंकि कुंती द्वारा गंगा में प्रवाहित शिशु कर्ण का लालन-पालन अंग के अधिरथ ने किया था जो कि एक सारथी थे। कर्ण को अंग का राज्य दुर्योधन ने प्रदान किया था। आज भी भागलपुर के चम्पानगर में स्थित “कर्णगढ़” उन पुरातन दिनों का साक्षी है।

कर्ण सूर्यपुत्र थे और साथ ही उनकी गणना महान् सूर्य उपासक के रूप में होती है। ऐसी मान्यता है कि कर्ण प्रतिदिन प्रातःकाल में गंगा मार्ग से मुंगेर जाते थे और वहां के चण्डिका स्थान में देवी की उपासना के पश्चात तेल की खौलती कड़ाही में कूदकर अपने प्राण त्याग देते थे। तत्पश्चात देवी की महिमा से उनके प्राण पुनः वापस हो जाते थे तथा उन्हें सवा मन सोने की प्राप्ति होती थी। यह क्रम प्रतिदिन चलता था और कर्ण प्रति दिन सूर्योपासना के पश्चात देवी से प्राप्त होनेवाले सोने का दान कर देते थे। कर्ण की सूर्योपासना व दानवीरता की यह गाथा जगत विख्यात है।

महाभारतकालीन योद्धा कर्ण के इस अप्रतिम सूर्य-उपासना की परम्परा की प्रतिध्वनि अंग की धरा पर आज भी विद्यमान है। अंग में सूर्य पूजन की प्राचीन परम्परा के गवाह यहां के शिलाखंडों पर उत्कीर्ण भगवान सूर्य की अनगिनत मूर्तियां हैं। यहां की अजगैबीनाथ पहाड़ी, बटेश्वर पहाड़ी, मंदार पर्वत, शाहकुंड पहाड़ी सहित कहलगांव के ओलपुरा, ताड़र आदि गांवों में सूर्य की कलात्मक प्राचीन मूर्तियां देखी जा सकती हैं जिनकी चर्चा प्रख्यात पुराविदों ने भी की है। इससे यह स्वयंप्रमाणित है कि यहां प्राचीन काल में भी मुखर रूप से सूर्योपासना की परम्परा रही होगी। इसके अलावा विक्रमशिला बौद्ध महाविहार की खुदाई में भी सूर्य की कई मूर्तियां मिली हैं।

Dr Rishikesh

Editor - Bharat Varta (National Monthly Magazine & Web Media Network)

Recent Posts

जस्टिस डॉ एस एन पाठक झारखंड उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष नियुक्त

Bharat varta Desk झारखंड उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त जज डॉ एसएन पाठक को झारखंड… Read More

9 hours ago

पटना हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बने पीबी बजंथरी

Bharat varta Desk न्यायमूर्ति पीबी बजंथरी को पटना हाईकोर्ट का कार्यकारी चीफ जस्टिस बनाया गया… Read More

2 days ago

पटना और मुंबई हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस

Bharat varta Desk सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के दो दिन बाद, केंद्र सरकार ने… Read More

3 days ago

महाधिवक्ता राजीव रंजन ने लिखी “बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग देवघर” पर किताब, मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

Bharat varta Desk सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन ने झारखंड विधान… Read More

4 days ago

भ्रष्टाचार के मामले में अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय गरफ्तार

Bharat varta Desk आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शुक्रवार को मधुबनी में तैनात ग्रामीण कार्य… Read More

1 week ago