सूबे के आधे अपार्टमेंट और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में तीसरी नजर बंद

पटना संवाददाता: पटना प्रमंडल प्रशासन ने राजधानी के सभी अपार्टमेंट और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में 31 मार्च तक सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि वहां आने-जाने वालों पर पूरी तरह नजर रखी जा सके .इस आदेश को रूपेश हत्याकांड से जोड़कर देखा जा रहा है.
रुपेश जहां रहते थे उस अपार्टमेंट में सीसीटीवी कैमरों के अभाव में हत्यारों को पहचानने में पुलिस को कठिनाई हुई है.

पूरे राज्य में कहीं व्यवस्था ठीक नहीं

पटना में करीब 1500 अपार्टमेंट होने की जानकारी दी गई है. जानकारों का दावा है कि पटना ही नहीं राज्य के सभी बड़े शहरों में अपार्टमेंट और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का हाल एक जैसा ही है. जानकारों की माने तो राज्य के आधे से अधिक अपार्टमेंट और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे या तो नहीं लगे हैं या लगे भी हैं तो वे खराब पड़े हैं. पुलिस का कहना है कि यह बेहद ही गंभीर मामला है. इसके चलते अपराध होने के बाद अपराधियों तक पहुंचने में बाधा आ रही है.

पूरे राज्य में लगे सीसीटीवी कैमरे

आरटीआई कार्यकर्ता अजीत कुमार सिंह का कहना है कि 31 मार्च तक सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था केवल राजधानी ही नहीं पूरे राज्य में सुनिश्चित होनी चाहिए. खासकर भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया और उन सभी बड़े शहरों में जहां अपार्टमेंट निर्माण बहुत तेजी से हुआ है.
जहां अपार्टमेंट नहीं है वहां के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में भी अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए.

खराब कैमरे ठीक कराएं

सोमवार को पटना प्रमंडलीय निगरानी समिति की बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त ने नगर निगम के आयुक्त ने निर्देश दिया है जहां कैमरे खराब पड़े हैं उन्हें 1 महीने के भीतर ठीक किया जाना चाहिए. इसके साथ सभी थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र के अपार्टमेंट और उन तमाम व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की जानकारी इकट्ठा करके रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराएं. यह बताएं कि उनके क्षेत्र में अपार्टमेंट की कितनी संख्या है, उनमें सीसीटीवी कैमरे की उपलब्धता और वे कितने प्रभावी हैं- इन सब की पूरी जानकारी थानाध्यक्षों को देने के लिए कहा गया है.

नक्शे में जोड़ें सीसीटीवी कैमरे

आयुक्त ने नगर आयुक्त को यह भी निर्देश दिया है कि अब जो भी नक्शे पास किए जाएंगे उनमें सीसीटीवी कैमरे लगाने का बिंदु सुनिश्चित होना चाहिए. प्रवेश द्वार, निकास द्वार, सीढ़ी, लिफ्ट के पास, पार्किंग, प्रत्येक फ्लोर पर तथा गेट पर बाहर की ओर लोकेशन के साथ सीसीटीवी लगाना आवश्यक होगा. बैंकों, पेट्रोल पंप, ज्वेलरी शाॅप और अस्पतालों में भी सीसीटीवी को जरूरी बताया गया है. जहां सीसीटीवी लगे हैं मगर प्रभावी नहीं है वहां उसे प्रभावी बनाने की जवाबदेही सोसाइटी पर दी गई है. इस काम को 1 महीने के भीतर करने को कहा गया है.

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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