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सस्पेंड होंगे देवघर सीओ, कमिश्नर ने सरकार को भेजी रिपोर्ट-राजस्व अधिकारी होने लायक नहीं

Bharat varta Desk

देवघर के विवादित अचलाधिकारी पर निलंबन की तलवार लटक रही है। संथाल परगना के कमिश्नर लालचंद डाडेल ने देवघर सीओ अनिल कुमार के खिलाफ राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव को रिपोर्ट भेजी है. कमिश्नर ने सचिव से देवघर सीओ अनिल कुमार के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने की अनुशंसा की है.

, निरीक्षण में भारी गड़बड़ी, आवास पर रखते सरकारी फाइल

कमिश्नर ने सचिव को भेजी गयी रिपोर्ट में कहा है कि मैंने देवघर अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया था, इस निरीक्षण से स्पष्ट हुआ है कि देवघर सीओ व सीआइ का अंचल के कार्यों में बिल्कुल अभिरुचि नहीं है, साथ ही सरकार के निर्गत नियमों का अनुपालन भी नहीं किया जाता है. निरीक्षण में रोकड़ पंजी अपडेट नहीं पाये गये जो वित्तीय नियमों का उल्लंघन है.

निरीक्षण में उपनिरीक्षक केलु कुमार दास ने कमिश्नर को बताया कि राजस्व अभिलेख व जांच रिपोर्ट आवास पर रखे जाते है. उपनिरीक्षक फ्रांसिस किस्कू को सरकारी कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित करते हुए निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय मारगोमुंडा अंचल कार्यालय में निर्धारित किया गया था. वर्तमान में उपनिरीक्षक देवघर अंचल कार्यालय में पुन: पदस्थापित है. निलंबन मुक्त करने के बाद फ्रांसिस किस्कू को किसी अन्य अंचल कार्यालय में पदस्थापित नहीं किया जाना गलत मंशा को दर्शाता है.


गलती उजागर होने के बाद भी कार्रवाई नहीं


कमिश्नर ने रिपोर्ट में कहा है कि पुरनदाहा मौजा के जमाबंदी नंबर 10/1 के दाग नंबर 46 व 47 जिसका कुल रकवा 671 वर्गफीट है, सीआइ व उपनिरीक्षक ने इस भूमि का किस्म सर्वेक्षित बसौड़ी भूमि दर्शाकर सही तथ्यों व साक्ष्यों को छुपाकर रिपोर्ट दी गयी. इस रिपोर्ट के आधार पर देवघर सीओ ने भी 12 जुलाई 2023 को पत्र जारी कर सही करार दे दिया. तथ्य छुपाने का जब यह मामला संज्ञान में आया तो देवघर सीओ ने इसकी जांच करायी व तीन मई 2024 को यह रिपोर्ट गलत पाकर 12 जुलाई 2023 को जारी अपने ही पत्र को रद्द कर दिया. बावजूद इसके गलत रिपोर्ट देने वाले दोषी राजस्व उपनिरीक्षक व सीआइ के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गयी.

कमिश्नर ने सचिव को भेजे पत्र में स्पष्ट रूप से बताया है कि सीओ अनिल कुमार राजस्व संबंधित कार्यों के लिए सुयोग्य अधिकारी नहीं है. श्री कुमार के विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न अंचलों में पदस्थापन के दौरान बरती गयी अनियमितता के संबंध में विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी है, इसलिए श्री कुमार के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने की कृपा की जाये.

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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