
पटना संवाददाता: बिहार में संविदा यानी ठेके पर बहाल लोग सरकारी सेवक नहीं माने जाएंगे. एक नोटिस पर उनकी नौकरी खत्म होगी.
नितीश सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार संविदा पर बहाली के लिए स्थाई नियुक्ति वाली ही योग्यता लागू होगी मगर स्थाई नियुक्ति वाली कोई सुविधा उन्हें नहीं मिलेगी. उनकी बहाली खाली पदों पर ही होगी मगर सरकारी सेवक वाली सुविधा का दावा भी कभी नहीं कर पाएंगे. यह भी शर्त लगाया गया है कि वह भविष्य में सेवा नियमित करने का भी दावा नहीं कर सकेंगे. जब तक नियमित नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक उनसे काम लिया जाएगा. नियमित नियुक्ति में संविदा वाले को प्राथमिकता मिलेगी. उनकी मृत्यु पर आश्रितों को 4 लाख का अनुदान मिलेगा.
गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि उनका मानदेय विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी तय करेगी. लेकिन इन सब में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि एक माह की नोटिस या मानदेय देकर उन्हें सेवा से हटाया जा सकेगा.
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