
Oplus_131072
Bharat varta Desk
तुलसी पीठ के संस्थापक और संस्कृत भाषा के विद्वान रामभद्राचार्य को साल 2023 के ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया है. शुक्रवार, 16 मई को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें ये सम्मान सौंपा. राष्ट्रपति के हाथों ज्ञानपीठ सम्मान पाकर रामभद्राचार्य ने इसे अपने शीश पर रख लिया.
सबसे पहले वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा रामभद्राचार्य को दी गई. इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने ही रामभद्राचार्य को ज्ञानपीठ सम्मान का प्रशस्ति पत्र सौंपा. भारतीय ज्ञानपीठ के अध्यक्ष वीरेंद्र जैन ने उन्हें 11 लाख की सम्मान राशि का चेक भेंट किया. रामभद्राचार्य ने इसे भी अपने माथे से लगा लिया. इसके बाद उन्हें संबोधन के लिए आमंत्रित किया गया.
संस्कृत के श्लोकों के साथ संबोधन की शुरुआत कर रामभद्राचार्य ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी ‘छोटी बहन’ बताया.
Bharat varta Desk नितिन नबीन को आज आधिकारिक रूप से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन… Read More
Bharat varta Desk कर्नाटक के डीजीपी और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव को सस्पेंड कर… Read More
Bharat varta Desk प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के मालदा रेलवे स्टेशन से… Read More
Bharat varta Desk भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की तारीख… Read More
Bharat varta Desk झारखंड हाई कोर्ट ने शुक्रवार सुबह हुई सुनवाई के बाद रांची पुलिस… Read More
Bharat varta Desk पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक पर छापेमारी मामले में पश्चिम बंगाल सरकार को… Read More