
नई दिल्ली : कैश फॉर क्वेरी मामले में महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द हो गई है. लोकसभा में चर्चा के बाद इस संबंध में प्रस्ताव पारित हुआ है. बता दें कि एथिक्स कमिटी की रिपोर्ट में गंभीर रूप से गलत आचरण के लिए महुआ मोइत्रा को दंड देने की मांग की गई थी. आचार समिति ने महुआ मोइत्रा को लोकसभा की 17वीं लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित करने की सिफारिश की गई थी.
महुआ मोइत्रा पर लगे थे ये आरोप
रिपोर्ट में कहा गया है कि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने अनैतिक, आपत्तिजनक और गंभीर अपराध किया. रिपोर्ट में सिफारिश की गई थी कि इस मामले में भारत सरकार एक कानूनी और संस्थागत जांच कराएं, जो एक तय समय सीमा में खत्म होनी चाहिए. महुआ मोइत्रा पर आरोप थे कि उन्होंने संसद में सवाल पूछने के बदले कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से गिफ्ट लिए थे. जिसमें टीएमसी सांसद ने दर्शन हीरानंदानी से कार और दो करोड़ रुपये की नकदी भी शामिल थी.
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