
Bharat varta desk:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े संदेश देते हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद के आईएएस ओएसडी को हटा दिया है। उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर भारत सरकार को वापस करने का आदेश जारी कर दिया गया है। यही नहीं उन पर विभागीय कार्रवाई चलाने की अनुशंसा भी भारत सरकार से की गई है।
मंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी अनिल कुमार पांडे उत्तर प्रदेश आने के पहले केंद्रीय खाद्य उपभोक्ता मामले से संबंधित विभाग में अवर सचिव के पद पर तैनात थे। जितिन प्रसाद जब उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हुए तो आईएएस अनिल पांडे ने उत्तर प्रदेश में आने का आवेदन दिया। प्रदेश की सरकार ने उन्हें अपने यहां बुला लिया।
पिछले दिनों 200 कार्यपालक अभियंता समेत करीब 350 सौ इंजीनियरों के ट्रांसफर में हुए भ्रष्टाचार को लेकर एचडी पर कार्रवाई की गई है। कई ऐसे इंजीनियरों के भी तबादले किए गए हैं जो अभी इस दुनिया में नहीं हैं।
शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने जांच के लिए 3 आईएएस अफसरों की कमेटी बनाई थी।
कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी ने सभी बिंदुओं की जांच की। समिति ने जांच के दौरान पाया कि मंत्री जितिन प्रसाद के ओएसडी अनिल कुमार पांडे के खिलाफ कई शिकायतें हैं। कमेटी की अनुशंसा पर कार्रवाई की गई है। यह बताया जा रहा है कि इसमें विभागीय सचिव और प्रमुख सचिव की भूमिका की भी जांच की जा रही है। कुछ लोगों का यह भी दावा है कि ट्रांसफर में हुए लेनदेन में विभागीय मंत्री की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
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