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भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच के आदेश

Bharat varta Desk

बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में कथित तौर से पुलिस एनकाउंटर में युवक भरत तिवारी की मौत पर सवाल उठ रहे हैं. इस बीच इस मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया गया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद इस बारे में जानकारी दी है. हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज इसकी जांच करेंगे.

सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुई पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हेतु हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज द्वारा न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है. इसका उद्देश्य निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ जांच सुनिश्चित करना है.”ज्ञात हो कि सिस्टम में भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करने वाले भरत तिवारी ने पुलिस के समक्ष पिस्टल फेंक कर सरेंडर कर दिया था, उसके बाद भी पुलिस ने उसे गोली मार दी.

शाहपुर थानाध्यक्ष समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड


बता दें कि बिहार पुलिस ने भोजपुर जिले में एनकाउंटर का कथित वीडियो के सामने आने के बाद शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मलाकार समेत चार पुलिसकर्मियों को पहले ही सस्पेंड कर दिया है. वीडियो में युवक भरत तिवारी पुलिसकर्मियों पर पिस्तौल तानता दिखाई दे रहा है. पुलिसकर्मियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप है.

पुलिस की क्या है दलील?
पुलिस का कहना है कि बुधवार (17 जून) को युवक भरत भूषण तिवारी ने फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने भी गोली चलाई. इस दौरान तिवारी को गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर सियासत तेज!
भोजपुर में भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत पर सियासत भी लगातार जारी है. सत्ता पक्ष से जुड़े नेता भी इस एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं. आज भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी कुमार चौबे मृतक के घर पहुंचे हैं. उन्होंने घटना को जघन्य हत्याकांड की संज्ञा दी है. जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने शनिवार (20 जून) को भोजपुर मुठभेड़ में युवक की मौत को लेकर कहा कि इस घटना को लेकर जो वीडियो सामने आई है, निश्चित रूप से संदेह पैदा करती है. राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है लेकिन यह काफी नहीं है.

वहीं बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मृतक विक्षिप्त था और अंत में उसने अपना हथियार भी फेंक दिया था, तब वहां पुलिसकर्मियों ने किस परिस्थिति में एनकाउंटर किया, इसकी जांच कराई जाएगी.

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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