
सेंट्रल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति के बजट भाषण पर सोमवार को राज्यसभा में अपना धन्यवाद भाषण दिया. उन्होंने अपने उद्बोधन में कोरोना वायरस और लॉकडाउन, कृषि कानूनों और किसान आंदोलन समेत कई मुद्दों चर्चा की. इस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेताओं पर स्नेहपूर्ण व्यंगबाण भी चलाए. उन्होंने कश्मीर चुनाव की चर्चा करते हुए गुलाम नबी आजाद की प्रशंसा की और कहा कि उनकी अच्छी सोच के कारण मैं उनका सम्मान करता हूं.
पीएम मोदी ने अपनी बातों से राज्यसभा में खूब ठहाके लगवाए.
उन्होंने कहा कि मैं देख रहा हूं कि पिछले कुछ समय से इस देश में एक नई जमात पैदा हो गई है और वह है आंदोलनजीवी. आप देखेंगे कि वह जमात कभी वकीलों के आंदोलन में नजर आएगी तो कभी मजदूरों के आंदोलन में और कभी छात्रों के आंदोलन में. कभी परदे के पीछे तो कभी परदे के आगे. वे आंदोलन के बिना जिंदा नहीं रह सकते हैं लेकिन उन्हें पहचानना होगा क्योंकि वे परजीवी होते हैं. इस दौरान उन्होंने आत्मनिर्भर अभियान के संबंध में मैथिलीशरण गुप्त की कविता की अपने ढंग से व्याख्या की.प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विपक्षी दलों को देश के विकास में योगदान करने की अपील की. अंत में उन्होंने वेद के मंत्र से अपने भाषण को समाप्त किया.
Bharat varta desh बिहार सरकार ने कई वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों का तबादला कर दिया… Read More
Bharat varta Desk मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की तैयारी कर रहे लाखों स्टूडेंट के लिए… Read More
Bharat varta Desk मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की तैयारी कर रहे लाखों स्टूडेंट के लिए… Read More
Bharat varta desk केरल की राजनीति में पिछले 10 दिनों से चल रहा मुख्यमंत्री चेहरे… Read More
Bharat varta Desk केंद्र सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक प्रवीण सूद का… Read More
Bharat varta Desk माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं कक्षा के नतीजे घोषित कर दिए… Read More