
Oplus_131072
Bharat varta Desk
चंडीगढ़ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने जस्टिस निर्मल यादव को बरी कर दिया। जस्टिस निर्मल यादव पर 2008 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में जज के तौर पर सेवा करते हुए 15 लाख रुपये नकद प्राप्त करने का आरोप था। स्पेशल सीबीआई जज अलका मलिक ने फैसला सुनाया।
2008 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की तत्कालीन जज जस्टिस निर्मलजीत कौर के चपरासी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी कोर्ट में 15 लाख रुपये नकद से भरा एक बैग लाया गया, जिसे बाद में जज के कहने पर पकड़ लिया गया। मामला CBI को सौंप दिया गया और अभियोजन पक्ष के अनुसार, बैग जस्टिस निर्मल यादव के आवास पर पहुंचाया जाना था। जनवरी, 2009 में CBI ने जस्टिस यादव पर मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी; नवंबर, 2010 में हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी।
Bharat varta Desk धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल प्रह्लाद… Read More
Bharat varta Desk दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से चल रहा… Read More
Bharat varta Desk जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र… Read More
Bharat varta Desk NEET पेपर लीक मामले में छात्रों के प्रदर्शन के बीच एनटीए ने… Read More
Bharat Varta Desk दिल्ली में चल रहे NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन… Read More
Bharat varta Desk राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर मंगलवार… Read More