
Bharat Varta desk
प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा नहीं रहे. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में उन्होंने शुक्रवार की दोपहर अंतिम सांस ली. यहां उनका कोरोनावायरस का इलाज चल रहा था. वे 93 साल के थे.उनके पुत्र राजीव नयन बहुगुणा एम्स में ही मौजूद है. उनका अंतिम संस्कार ऋषिकेश के गंगा तट पर राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.
सुंदरलाल बहुगुणा का बिहार और झारखंड से भी गहरा संबंध था. पर्यावरण के कई मुद्दों पर आंदोलन करने वह दोनों राज्यों के कई शहरों में आए थे. बिहार और झारखंड के पर्यावरण संबंधी अभियानों में उन्होंने सैकड़ों बार शिरकत किया था. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने उनके निधन को देश की अपूरणीय क्षति बताया है. बिहार और झारखंड के कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने उनके निधन पर शोक जताया है.
Bharat varta Desk -मुख्यमंत्री विजय और अभिनेत्री तृषा पर टिप्पणी का आरोप -उनकी रैली में… Read More
Bharat varta Desk धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल प्रह्लाद… Read More
Bharat varta Desk दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से चल रहा… Read More
Bharat varta Desk जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र… Read More
Bharat varta Desk NEET पेपर लीक मामले में छात्रों के प्रदर्शन के बीच एनटीए ने… Read More
Bharat Varta Desk दिल्ली में चल रहे NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन… Read More