
पटना भारत वार्ता संवाददाता:
बिहार के दिग्गज कांग्रेस नेता सदानंद सिंह नहीं रहे। पटना के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे करीब 1 महीने से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती थे। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर मदन मोहन झा ने फेसबुक पर सदानंद को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है कि सदानंद जी के साथ एक युग का अंत हो गया। सदानंद बिहार कांग्रेस के सर्वाधिक पुराने और अनुभवी नेताओं में से थे।
करीब 75 साल के सदानंद बिहार विधानसभा के अध्यक्ष और ऊर्जा, सिंचाई समेत कई विभागों के मंत्री रह चुके थे। वह कांग्रेस विधायक दल के नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने भागलपुर जिले के कहलगांव विधानसभा क्षेत्र से 9 बार प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने सबसे अधिक बार एमएलए का चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया। 1985 में जब उन्हें कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया था तो निर्दलीय चुनाव जीत गए। पिछले विधानसभा चुनाव में वे खड़े नहीं हुए थे। अपनी जगह अपने बेटे शुभानंद मुकेश को खड़ा किया था मगर वह भाजपा उम्मीदवार से चुनाव हार गए। सदानंद अपने जीवन में तीन बार चुनाव हारे। उन्हें 1990 और 1995 के चुनाव में जनता दल और 2005 में जेडीयू प्रत्याशी के सामने हार का सामना करना पड़ा था।
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