
भागलपुर, भारत वार्ता संवाददाता
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के शिक्षा परिषद की वर्चुअल बैठक के दूसरे दिन कुलपति डॉ आर के सोहाने ने कहा कि वैज्ञानिक धान और गेहूं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए शोध और अन्य उपायों पर फोकस करें. जलवायु परिवर्तन आधारित खेती के महत्व को रेखांकित करते हुए इस दिशा में बीएयू द्वारा किए जा रहे प्रयासों की उन्होंने चर्चा की. कुलपति ने कहा कि जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार ने 238 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है. चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹71 करोड़ रुपए मिले हैं.पी.एफ.एम.ई. से सब एग्री परियोजना के तहत 15 स्टार्टअप प्रोगाम चलाए जा रहे हैं. खेती के आधुनिक तरीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए हर संभव तरीके का सहारा लिया जा रहा है.
बाढ़ इलाकों में फसलों की बर्बादी कम करें: एके सिंह
आईसीएआर के उप महानिदेशक (कृषि विस्तार) डाॅ ए.के.सिंह ने कहा कि बिहार के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में किसानों के फसलों की बर्बादी रोकने के लिए कम होना चाहिए. इसके लिए उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों को अपनी भूमिका बढ़ाने को कहा. उन्होंने कहा कि राज्य के खास उत्पादों को विशेष पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर बीएयू काम करे.
निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ आर.एन.सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्रों एवं बीएयू के विभिन्न प्रसार कार्यक्रमों की जानकारी दी. शोध परिषद की बैठक को डाॅ अंजनी कुमार, डाॅ आर. के. जाट, डाॅ आर. के. मलिक, डाॅ एस.के.गुप्ता एवं डाॅ ए.पी.राव ने भी संबोधित किया.
Bharat varta Desk अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले… Read More
Bharat varta Desk डॉ. महेश दीक्षित को भारत की प्रमुख खुफिया एजेंसी, खुफिया ब्यूरो (IB)… Read More
Bharat varta Desk भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश में अपनी नई टीम का… Read More
Bharat varta Desk पटना हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा भरत तिवारी एनकाउंटर… Read More
Bharat varta Desk बिहार में भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर मामले के विरोध में आज भोजपुर… Read More
Bharat varta Desk रेल मंत्रालय की कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन के चेयरमैन… Read More