Categories: बड़ी खबर

आरपीएफ का तिरुचि मंडल में यात्री सुरक्षा का अनोखा अभियान: तिरुचि, श्रीरंगम, पुडुचेरी, चिदंबरम रेलवे स्टेशनों पर लगाया असिस्टेंस कियोस्क सिस्टम

Bharat varta Desk

सुरक्षित यात्रा के लिए रेल सुरक्षा बल तिरुचि रेल मंडल में अनोखा अभियान चला रहा है। मंडल के कुल चार स्टेशनों पर RPF असिस्टेंस मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है। सबसे पहले तिरुचि, श्रीरंगम स्टेशनों पर सिस्टम का प्रयोग किया गया और प्रयोग जब हिट हो गया तो दो और रेलवे स्टेशनों – पुडुचेरी और चिदंबरम – में RPF असिस्टेंस मैनेजमेंट सिस्टम को बढ़ा दिया गया है।


क्या है सिस्टम ………………….

तिरुचि मंडल के सीनियर RPF कमांडेंट प्रशांत यादव ने बताया कि असिस्टेंस मैनेजमेंट सिस्टम रेलवे स्टेशनों पर लगाया गया एक टच-बेस्ड डिजिटल कियोस्क है, जिससे यात्री मदद मांग सकते हैं, शिकायत दर्ज करा सकते हैं और सीधे RPF से जुड़ सकते हैं। आरपीएफ सहायता कियोस्क के लिए एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर को सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुच के तीन बीसीए छात्रों – नोएल सेबू, मारिया एफ्रॉन और जो राकेश की सहायता से विकसित किया गया था। प्रशांत के अनुसार इस प्रणाली का सबसे पहले तिरुचि रेलवे स्टेशन पर परीक्षण किया गया, जहां इसे यात्रा करने वाले लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और बाद में इसे श्रीरंगम रेलवे स्टेशन पर पेश किया गया, जहां चोरी, खोई हुई संपत्ति, संदिग्ध गतिविधियों और उत्पीड़न से संबंधित लगभग 30 शिकायतों को वास्तविक समय के आधार पर प्रभावी ढंग से निष्पादित किया गया।

इस प्रणाली को सहायता के लिए त्वरित और आसान पहुंच प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है, विशेष रूप से महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर जहां आरपीएफ/सरकारी रेलवे पुलिस कर्मियों की उपस्थिति न्यूनतम है।
सभी उम्र के लोगों के लिए एक आसान और यूज़र-फ्रेंडली इंटरफ़ेस देना; सही डिजिटल शिकायत रिपोर्टिंग को मुमकिन बनाना; ज़्यादा आसानी के लिए कई भाषाएं बोलने वाले यूज़र्स को सपोर्ट करना और तेज़ी से एक्शन लेने के लिए RPF कंट्रोल रूम को रियल-टाइम अलर्ट देना, ये सब इस प्रोजेक्ट के खास मकसद हैं।


कैसे काम करता है सिस्टम—-

कियोस्क को इस्तेमाल में आसानी को प्राथमिकता देकर डिजाइन किया गया है। यात्री साफ़ तौर पर दिखाए गए ऑप्शन में से अपनी पसंद की समस्याएं चुन सकते हैं। यह सिस्टम तमिल और इंग्लिश को सपोर्ट करता है और इसमें वॉइस-बेस्ड रिपोर्टिंग ऑप्शन भी है, जिससे यात्री अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं, जो खासकर बुज़ुर्ग यात्रियों, तनाव में रहने वालों या ऐसी स्थितियों में मददगार है जहाऊ टाइपिंग मुश्किल होती है।

एक इमरजेंसी सहायता बटन यात्रियों को कई डिटेल डाले बिना तुरंत अलर्ट भेजने में मदद करता है, जिससे RPF कर्मचारी तुरंत ध्यान देते हैं। इसके अलावा, यात्रियों के पास मुश्किल स्थितियों में सीधे RPF कंट्रोल रूम से बात करने का ऑप्शन भी होता है। आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट प्रशांत यादव ने बताया है कि यात्रियों के फ़ीडबैक और ऑपरेशनल ज़रूरतों के आधार पर इस सिस्टम को और स्टेशनों तक बढ़ाया जाएगा।

आरपीएफ हेल्प कियोस्क की आवश्यकता क्यों पड़ी?


कई रेलवे स्टेशनों पर, विशेषकर रास्ते के किनारे स्थित और मध्यम-भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर, आरपीएफ कर्मियों की निरंतर भौतिक उपस्थिति सीमित हो सकती है। ऐसे में यात्रियों को निम्न जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है:
चोरी या जेब कतरना
उत्पीड़न या दुर्व्यवहार,
संदिग्ध गतिविधियां,
सामान का खो जाना,
सुरक्षा संबंधी खतरे
जैसी स्थितियों में, संचार में देरी से जोखिम और चिंता बढ़ सकती है। आरपीएफ हेल्प कियोस्क को निम्न उद्देश्यों के लिए विकसित किया गया है: लंबी संचार श्रृंखलाओं पर निर्भरता कम करना, प्रतिक्रिया समय को कम करना, यात्रियों को यह विश्वास दिलाना कि सहायता पास में ही उपलब्ध है। इसकी मजबूती और उपयोग में आसानी के कारण, यात्री इस कियोस्क के माध्यम से आरपीएफ से संपर्क करने में अधिक आत्मविश्वास महसूस करते हैं। यात्री स्पष्ट रूप से प्रदर्शित विकल्पों में से अपनी समस्या चुन सकते हैं, जैसे:
चोरी,उत्पीड़न,
संदिग्ध गतिविधियां,
खोई हुई वस्तुएं,
सुरक्षा खतरे,अन्य सहायता।

आवाज आधारित रिपोर्टिंग
यात्री आवाज रिकॉर्डिंग का उपयोग करके अपनी समस्या बता सकते हैं, जो विशेष रूप से इन स्थितियों में उपयोगी है:
बुजुर्ग यात्री,
तनावग्रस्त यात्री
टाइप करने में कठिनाई वाली स्थितियां।

सीधा संपर्क विकल्प
यात्रियों के पास आरपीएफ अधिकारियों से सीधे बात करने का विकल्प भी है, जिससे उन्हें गंभीर परिस्थितियों में आश्वासन और स्पष्टता मिलती है।
कियोस्क प्रत्येक उपयोगकर्ता की तस्वीर लेता है और आरपीएफ इसका उपयोग गंभीर संकट की स्थिति में बेहतर सुरक्षा प्रदान करने और यात्री को ढूंढने के लिए कर सकता है। हालांकि, यात्री की गोपनीयता के लिए, ली गई तस्वीर 5 दिनों में स्वचालित रूप से हटा दी जाती है।

हर 10 मिनट में अनाउंसमेंट

सिस्टम में 10 वाट का स्पीकर लगा है और यह हर 10 मिनट में दोहराता है कि सुरक्षा संबंधी किसी भी उपयोग के लिए कृपया मेरा उपयोग करें। यह सिस्टम यात्रियों में सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक है।

नवाचार के लिए जाने जाते हैं सीनियर कमांडेंट प्रशांत यादव, बीआईटी मेसरा से हैं बीटेक

Oplus_131072

यात्री सुरक्षा और संरक्षा के लिए चलाए जा रहे इस अभियान के प्रणेता तिरुचि मंडल के सीनियर कमांडेंट प्रशांत यादव हैं जिनकी पहचान एक तेजतर्रार, जन सरोकार वाले और संवेदनशील अधिकारी के रूप में है। इसके पहले वे भोपाल और रांची रेल मंडल के सीनियर कमांडेंट रह चुके हैं। यात्रियों की सुरक्षा और आरपीएफ की उपयोगिता बढ़ाने के लिए उन्होंने इसके पहले भी कई अभियान चलाए। उनकी पहचान नए प्रयोगों के लिए है। रांची में महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए उन्होंने कई उल्लेखनीय में काम किए थे। प्रशांत यादव बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले हैं और रांची में बीआईटी मेसरा से बीटेक किया है।

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

Recent Posts

Ex Deputy CM और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार

Bharat varta Desk -मुख्यमंत्री विजय और अभिनेत्री तृषा पर टिप्पणी का आरोप -उनकी रैली में… Read More

2 months ago

प्रहलाद जोशी देश के नए शिक्षा मंत्री

Bharat varta Desk धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल प्रह्लाद… Read More

2 months ago

सीजेपी ने छात्र आंदोलन खत्म करने का किया ऐलान

Bharat varta Desk दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से चल रहा… Read More

2 months ago

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

Bharat varta Desk जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र… Read More

2 months ago

NTA के 47 कर्मचारी बर्खास्त

Bharat varta Desk NEET पेपर लीक मामले में छात्रों के प्रदर्शन के बीच एनटीए ने… Read More

2 months ago

केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को हटाया, एनटीए प्रमुख प्रदीप जोशी कब हटेंगे?

Bharat Varta Desk दिल्ली में चल रहे NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन… Read More

2 months ago