
प्रयागराज, भारत वार्ता संवाददाता: इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश कुमार सिंह एक दलित छात्रा की योग्यता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने खुद की फीस भर के उन्होंने जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी और आईआईटी बीएचयू को भी निर्देश दिया कि आप छात्रा को 3 दिन में दाखिला दिया जाए। अगर सीट ना खाली हो तो अतिरिक्त सीट की व्यवस्था की जाए। कोर्ट में दाखिल याचिका में छात्रा बताया कि उसके पिता किडनी खराब है। उनकी बीमारी व कोविड की मार के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस कारण फीस जमा नहीं कर पाई। दरअसल छात्रा दसवीं की परीक्षा में 95% तथा 12वीं की परीक्षा में 94% अंक हासिल की है। वह जेईई की परीक्षा में बैठी और उसने मेंस में 93% अंक प्राप्त किया।
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