
नईदिल्ली: अमेरिका के न्यूयार्क में हिंदू संस्कृति में मंगल का प्रतीक के तौर पर जाने जाने वाले ‘स्वस्तिक’ नाम के गांव को लेकर विवाद तेज हो गया है। हालांकि विरोध के बावजूद इसकी परिषद ने नाम न बदलने के समर्थन में सर्वसम्मति से फैसला किया है। ‘स्वस्तिक’ को हिंदू संस्कृति में मंगल का प्रतीक माना जाता है और हर शुभ कार्य से पहले इसका पूजन किया जाता है लेकिन अमेरिका में लोग इसे नाजी शासन की हिंसा एवं असहिष्णुता से भी जोड़कर देखते हैं इसी वजह से गांव के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
न्यूयार्क के ब्लैक ब्रूक कस्बे के तहत आने वाले इस गांव को एक सदी से भी अधिक समय से स्वस्तिक नाम से जाना जाता है, लेकिन न्यूयॉर्क शहर से आए यात्री माइकल अलकामो ने कहा कि यह नाम निकट स्थित द्वितीय विश्व युद्ध के शहीदों की कब्रों का अपमान है, जिसके बाद कस्बा परिषद के सदस्यों ने नाम बदलने को लेकर मतदान करने विचार किया। परिषद के सदस्यों ने 14 सितंबर को बैठक की और नाम न बदलने का सर्वसम्मति से फैसला किया। ब्लैक ब्रूक के पर्यवेक्षक जॉन डगलस ने गुरुवार को एक ईमेल में लिखा, ‘हमें खेद है कि हमारे समुदाय के इतिहास के बारे में नहीं जानने वाले इलाके के बाहर के लोगों को गांव का नाम देखकर अपमानजनक महसूस हुआ।’
उन्होंने कहा, ‘यह नाम हमारे पुरखों ने रखा था।’ कई लोग इस चिह्न को 1930 के दशक के बाद से तानाशाह अडोल्फ हिटलर और उसकी नाजी पार्टी से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसका इतिहास इससे कहीं अधिक प्राचीन है। इस गांव का नाम संस्कृत भाषा के शब्द स्वस्तिक पर रखा गया है, जिसका अर्थ कल्याण होता है।
पटना : बिहार राजस्व सेवा संयुक्त महासंघ के अंतर्गत बिरसा एवं बिरसा यूनाइटेड संयुक्त संघर्ष… Read More
Bharat Varta Desk : अक्सर हम बिहार पुलिस पर सवाल उठाते हैं, उसकी कार्यशैली की… Read More
Bharat varta Desk प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अपर और… Read More
Bharat varta Desk प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने… Read More
पटना, भारत वार्ता संवाददाता : बिहार में अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व कर्मचारियों (RO) की हड़ताल… Read More
Bharat varta Desk बिहार कैडर के चार आईपीएस अधिकारियों को अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) से… Read More