
पटना, भारत वार्ता संवाददाता: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार शिक्षकों से कोई गैर शिक्षण कार्य नहीं कराना है मगर बिहार में शिक्षक पशु गणना से लेकर जनगणना और तमाम तरह के गैर शिक्षण काम में लगाए जाते हैं। सरकार ने एक और प्रमाण जारी किया है जिसके मुताबिक अब शिक्षकों को शराब और शराबियों को ढूंढना होगा। शराब तस्करों का पता लगाना होगा। उनकी सूचना मोबाइल पर और दूसरे माध्यमों से अधिकारियों को देनी होगी। सरकार का सारा महकमा शराबबंदी में लगा हुआ है मगर शराब धड़ल्ले से बन रही है और बिक रही है। रोज खेप की खेप शराब पकड़ी जा रही है। जहरीली शराब पीने से लोग मर रहे हैं। जब पुलिस और सरकार के सभी महकमा मिलकर शराब रोकने में फेल साबित हो रहे हैं तो ऐसी स्थिति में अब शिक्षा विभाग में शिक्षकों को इस काम में लगाने का फैसला किया है। इस आशय का फरमान शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भेजा है। पत्र की छाया प्रति संलग्न है।
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