बड़ी खबर

अखिलेश और शिवपाल के करीबियों के बेटों को नौकरी, यूपी विधानसभा नियुक्ति घोटाला

लखनऊ से भारत वार्ता विशेष प्रतिनिधि

 उत्तर प्रदेश विधानसभा में भर्ती घोटाला सामने आया है। भर्ती प्रक्रिया को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई के क्रम में कई बड़े पहलू सामने आया। भर्ती प्रक्रिया में जिस प्रकार का खेल किया गया, उसे देखकर हाई कोर्ट ने भी इसे घोटाला करार दिया है। भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा की गई है। यूपी विधानसभा में हुए भर्ती के खेल का एक-एक पहलू सामने आया है। यह हैरान करने वाला है। दरअसल, यूपी विधानसभा में 186 पदों पर वैकेंसी निकाली गई थी। इसके लिए 2.5 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। विधानसभा में हुई नियुक्ति मामले में सामने आया है कि 38 पदों पर वीवीआईपी के रिश्तेदारों की भर्ती हुई। नियुक्ति प्रक्रिया के लिए जिस फर्म को हायर किया गया, वह दो कमरों में चलती पाई गई।। इस भर्ती प्रक्रिया में नौकरी पाने वाला हर पांचवां अभ्यर्थी वीवीआईपी का रिश्तेदार निकला है। प्रमुख सचिव, मुख्य सचिव से लेकर मंत्री तक के रिश्तेदारों को नौकरी दी गई। मंत्री महेंद्र सिंह के भतीजे को यूपी विधानसभा में नियुक्ति मिली। प्रमुख सचिव जय प्रकाश सिंह के बेटा और बेटी भी इसका लाभ पाने वालों में रहे हैं। वहीं, प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे के भाई के दो बेटों, प्रमुख सचिव राजेश सिंह के बेटे, डिप्टी लोकायुक्त दिनेश सिंह के बेटे को भी जॉब मिली। यही नहीं, पूर्व सीएम अखिलेश यादव के करीबी नीटू यादव के भतीजे को भी नौकरी मिली है।

2020-2021 में आयोजित कम से कम दो दौर की परीक्षाओं के बाद यूपी विधानसभा और विधान परिषद में प्रशासनिक पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया को पूरी कराई गई। इनमें से पांचवां हिस्सा उन उम्मीदवारों को मिला है जो अधिकारियों के रिश्तेदार हैं। इंडियन एक्सप्रेस की जांच से पता चला है कि इसमें वही अधिकारी शामिल हैं, जिनकी निगरानी में परीक्षा आयोजित की गई।

सफल उम्मीदवारों की सूची में बड़े नाम

यूपी विधानसभा में नियुक्तियों के मामले में कई बड़े नाम शामिल हैं। तत्कालीन यूपी स्पीकर के पीआरओ और उनके भाई, एक मंत्री का भतीजा, विधान परिषद सचिवालय प्रभारी का बेटा, विधान सभा सचिवालय प्रभारी के चार रिश्तेदार, संसदीय कार्य विभाग प्रभारी के बेटे और बेटी, उप लोकायुक्त के बेटे, दो मुख्यमंत्रियों के पूर्व विशेष कार्य अधिकारी के बेटे भी इसमें शामिल हैं। इसके अलावा कम से कम पांच ऐसे भी हैं जो दो निजी फर्मों, टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग और राभव के मालिकों के रिश्तेदार हैं। उन्होंने पहली कोविड लहर के दौरान यह परीक्षा आयोजित की थी।

इन सभी उम्मीदवारों को तीन साल पहले यूपी विधानमंडल को प्रशासित करने वाले दो सचिवालयों में नियुक्त किया गया था। 18 सितंबर 2023 को एक आदेश में तीन असफल उम्मीदवारों सुशील कुमार, अजय त्रिपाठी और अमरीश कुमार की ओर से याचिका दायर की गई। इस पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट की दो जजों की पीठ ने सीबीआई जांच का आदेश दिया। इस प्रक्रिया को ‘चौंकाने वाला’ और ‘भर्ती घोटाले से कम नहीं’ कहा। वहां सैकड़ों भर्तियां अवैध और गैरकानूनी तरीके से हिली हुई विश्वसनीयता वाली बाहरी एजेंसी की ओर से की गईं।

यूपी विधानसभा में नौकरी के लिए परीक्षा के बाद पांचवी नियुक्ति वीवीआईपी रिश्तेदारों को मिली थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के बाद यूपी विधान परिषद सुप्रीम कोर्ट चली गई। सुप्रीम कोर्ट ने अपील पर सुनवाई करते हुए सीबीआई जांच पर रोक लगा दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 6 जनवरी 2025 को होनी है।

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

Recent Posts

शिबू सोरेन को पद्मभूषण, धर्मेंद्र समेत 131 हस्तियों को पद्म सम्मान, बिहार के तीन लोग शामिल

Bharat varta Desk गणतंत्र दिवस की 77वीं पूर्व संध्या पर देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों… Read More

14 hours ago

डीजी कुंदन कृष्णन को गैलंट्री मेडल, बिहार- झारखंड के ये पुलिस अधिकारी राष्ट्रपति से सम्मानित

Bharat varta Desk गणतंत्र दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बिहार 22 पुलिस पदाधिकारी और… Read More

22 hours ago

सीएम नीतीश के समृद्ध यात्रा के दौरान विस्फोट, एक की मौत

Bharat varta Desk सिवान जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के बीच एक… Read More

4 days ago

आईएएस संजीव दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर

Bharat varta Desk आईएएस संजीव खिरवार (IAS Sanjeev Khirwar) को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) का… Read More

5 days ago

नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

Bharat varta Desk नितिन नबीन को आज आधिकारिक रूप से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन… Read More

6 days ago

कर्नाटक के डीजी सस्पेंड

Bharat varta Desk कर्नाटक के डीजीपी और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव को सस्पेंड कर… Read More

6 days ago